26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपराधियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 11 जिलों में बनेगे हाईटेक जेल, क्या होगा खास

सीएम योगी के निर्देश पर 19 जिलों में जिला कारागार और एक जिले में केंद्रीय कारागार के निर्माण की कार्रवाई तेज।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Ritesh Singh

•

Updated: 21 Mar 2023, 7:35 AM IST

 योगी सरकार ने दिखाई हरी झंडी

योगी सरकार ने दिखाई हरी झंडी

उत्तर प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश के कई जिलों में नई जेलों के निर्माण का निर्णय लिया है, जिसमें प्रदेश के 11 ऐसे जिले चिह्नित किए गए हैं, जहां पर अभी कोई जेल नहीं है। इसके अलावा एक केंद्रीय कारागार और नौ जिलों में दूसरी जेल के निर्माण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

यह भी पढ़ें: लखनऊ में 11 साल की लड़की को मनचले करते थे परेशान, घर पर फेका बम

वहीं कुछ जेलों में बैरकों की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसके लिए योगी सरकार के निर्देश पर शासन ने कारागार विभाग को हरी झंडी देते हुए, भारी भरकम बजट जारी कर दिया है। इन जेलों के वर्तमान स्थिति को देखते हुए हाईटेक टेक्नोलॉजी का यूज करते हुए बनाया जाएगा। इसके साथ ही नई जेलों के निर्माण का लक्ष्य 2 से 5 साल का निर्धारित किया गया है।

यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2023: देवी की उपासना का सही समय, किस्मत की रुकावटों को कर देगी किनारे


सीएम योगी ने प्रस्ताव को दी हरी झंडी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक उच्च स्तरीय बैठक में कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग ने अवगत कराया था कि वर्तमान में प्रदेश की केंद्रीय और जिला कारागार समेत कई कारागार में क्षमता से अधिक बंदी हैं। ऐसे में जेल मैनुअल द्वारा प्रदत्त सुविधाएं उपलब्ध कराने और बंदियों के मानवाधिकारों के संरक्षण को देखते हुए नई जेलों की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें: मोटापे और गलत खानपान से बढ़ रहीं नींद से जुड़ीं बीमारियां: डॉ. सूर्यकान्त

मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताई जेलों की स्थिति

विभाग के अधिकारियों ने सीएम योगी को बताया कि वर्तमान में 7 केंद्रीय कारागार में 13,669 बंदियों की क्षमता है जबकि यहां पर 15,201 बंदी निरुद्ध हैं, जिसका रेश्यो 111 प्रतिशत है। इसी तरह 62 जिला कारागार में 49,107 बंदियों की क्षमता है, जिसके सापेक्ष 95,597 बंदी निरुद्ध हैं, जिसका रेश्यो 194 प्रतिशत है। वहीं 2 उप कारागार में 306 बंदियों की क्षमता है, जिसके सापेक्ष 664 बंदी निरुद्ध हैं, जिसका रेश्यो 216 प्रतिशत है। महिला केंद्रीय कारागार में 120 बंदियों की क्षमता है, जिसके सापेक्ष 148 बंदी निरुद्ध हैं, जिसका रेश्यो 123 प्रतिशत है।

जेलों की स्थिति को देखते हुए दिए आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग को जल्द से जल्द नई जेलों के निर्माण के संबंध में प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे, जिसके बाद विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में नई जेलों के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को सौंपा था। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष दोबारा बैठक होने पर शासन ने नई जेलों के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिसे सीएम ने हरी झंडी दे दी। सीएम योगी का अप्रूवल मिलते ही शासन ने कारागार विभाग को नई जेलों के निर्माण के लिए भारी भरकम बजट जारी कर दिया।

यह भी पढ़ें: दलितों-पिछड़ों के अधिकारों पर योगी सरकार डाका डाल रही : अजय कुमार लल्लू

इन जिलों में नई जेल के निर्माण की कार्रवाई तेजी

शासन से नई जेलों के निर्माण का बजट जारी होते ही प्रदेश के उन जिलों में इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया, जहां पर अभी तक कोई जेल नहीं है। प्रदेश के 11 जिलों क्रमश: अमेठी, महोबा में 990-990 बंदी क्षमता और कुशीनगर, चंदौली, औरेया, हापुड़, संभल, अमरोहा, भदोही में एक-एक हजार बंदी क्षमता, हाथरस में 1026 बंदी क्षमता, शामली में 2 हजार बंदी क्षमता की जेलों को निर्माण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी तरह ललितपुर में एक नये केंद्रीय कारागार के निर्माण की कार्रवाई तेज कर दी गई है, जिसकी बंदी क्षमता दो हजार होगी।


पुरानी जेलों की होगी मरम्मत

वहीं ललितपुर में एक हजार बंदी क्षमता की दूसरी जिला कारागार के निर्माण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी तरह बरेली की पुरानी जेल के मरम्मत एवं नवीनीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है, जिसका बंदी क्षमता 2579 होगी।

यह भी पढ़ें: गर्भावस्था में महिलाएं रखे अपना खास ध्यान, नहीं तो खून की कमी से ऑपरेशन में होगी दिक्कत

इसके अलावा मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर में तीन-तीन हजार, शाहजहांपुर, बदायूं, वाराणसी में दो-दो हजार, जौनपुर, रामपुर में एक-एक हजार और कानपुर नगर में 5 हजार बंदी क्षमता के जिला कारागार के निर्माण की कार्रवाई चल रही है। वहीं मार्च के आखिर में श्रावस्ती में 502 और प्रयागराज में 2688 बंदी क्षमता का जिला कारागार बनकर तैयार हो जाएगा।

कैदियों की संख्या को देखते हुए शिफ्ट किया जायेगा

इसके साथ ही गोरखपुर जिला कारागार में 30 बंदी क्षमता की एक बैरक, केंद्रीय कारागार वाराणसी में 30 क्षमता की सात बैरक और जिला कारागार मथुरा में 30 बंदी क्षमता की चार बैरक का निर्माण कार्य किया जा रहा है। ऐसे में नई जेलों के निर्माण, कुछ जेलों की मरम्मत और जेलों में बैरक की क्षमता बढ़ाने से 35 हजार से अधिक बंदियों को जिन जेलों में क्षमता से अधिक रखा गया है, उन्हे यहां शिफ्ट किया जा सकेगा।

कैदियों की संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने लिया फैसला IMAGE CREDIT: ritesh singh