
लखनऊ. इंस्टीट्यूट ऑफ इमिनेंस की प्राइमरी लिस्ट में 32 शिक्षण संस्थानों के बीच लखनऊ के जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने अपनी जगह बनाई है। देश भर के सरकारी क्षेत्र के कुल दस उच्च शिक्षा संस्थानों का इंस्टीट्यूट ऑफ इमिनेंस के रूप में चयन होना है। अभी तक आवेदन करने वाले संस्थानों में केजीएमयू लखनऊ अकेला मेडिकल संस्थान है। इंस्टीट्यूट ऑफ इमिनेंस में शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 12 दिसम्बर, 2017 है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए गए दिशा-निर्देश
इस योजना से सम्बंधित निर्देशों के लिए बुधवार को शासन एक वीडियो कांफ्रेंसिंग का आयोजन किया गया जिसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव ने सम्बोधित किया। सचिव ने योजना के सम्बंध में आवेदन करने वाले संस्थानों संस्थान के अधिकारियों के साथ विस्तार से विचार विमर्श किया गया। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में केजीएमयू के कुलपति प्रोफेसर मदनलाल ब्रह्म भट्ट, प्रोफेसर विनीता वीनिता दास, प्रोफेसर शादाब मोहम्मद, प्रोफेसर मधुमति गोयल, प्रोफेसर विनोद जैन, प्रोफेसर शैली अवस्थी, प्रोफेसर आर के गर्ग, प्रोफेसर नरसिंह वर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
चयनित होने पर मिलेगा एक हजार करोड़ रूपये
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रोफेसर नरसिंह वर्मा ने बताया कि इस योजना के लिए आवेदन शुल्क एक करोड़ रूपये निर्धारित किया गया है। जिन संस्थानों को इंस्टीट्यूट ऑफ इमिनेंस के लिए चुना जायेगा उसे एक हजार करोड़ रूपये भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा अगले पांच वर्षों में प्रदान किया जायेगा। इस योजना के तहत तैयार प्राइमरी सूची में लखनऊ का किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय एक मात्र चिकित्सा संस्थान है।
Published on:
25 Oct 2017 07:43 pm
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