
प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और स्वच्छ पेयजल बांटा, पंप सेट से लगातार जल निकासी और एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Lucknow Waterlogging:लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में जलभराव की स्थिति को देखते हुए महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर मौके पर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ ही राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। इस दौरान जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री और स्वच्छ पेयजल की बोतलें भी वितरित की गईं। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने नगर निगम की संबंधित टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की स्थिति सामान्य होने तक टीमों की मौजूदगी बनी रहनी चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सके। जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। जलभराव वाले इलाकों में लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशानी न हो, इसके लिए राहत सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि प्रभावित लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
जलभराव वाले क्षेत्रों में सबसे बड़ी चुनौती पानी की निकासी को लेकर है। नगर आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित स्थानों पर पंप सेट के माध्यम से लगातार पानी निकालने का काम किया जाए। जहां मौजूदा संसाधनों से जल निकासी में परेशानी हो रही हो, वहां तत्काल अतिरिक्त पंप और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने को कहा गया। नगर निगम की टीमों को निर्देश दिए गए कि जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और जिन स्थानों पर पानी जमा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी कराई जाए। अधिकारियों का जोर इस बात पर रहा कि पानी अधिक समय तक जमा न रहे, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिल सके और जल जनित समस्याओं की आशंका को कम किया जा सके।
जलभराव के बाद मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों में नियमित रूप से एंटी-लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पानी जमा रहने की स्थिति में मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जल निकासी के साथ-साथ एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग लगातार कराना जरूरी है। नगर निगम की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई की स्थिति पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान प्रभावित लोगों की समस्याओं को समझने के साथ ही जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री और पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया गया। नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को जलभराव के कारण होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। लोगों ने बताया कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से आने-जाने में दिक्कत होती है और रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जल निकासी और राहत कार्यों को लगातार जारी रखा जाएगा।
निरीक्षण के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि वह नगर आयुक्त और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को राशन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। महापौर ने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए लोगों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन और नगर निगम की ओर से हरसंभव प्रयास किए जाने की बात कही। महापौर ने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि लोगों को जल्द से जल्द इस प्राकृतिक आपदा से निजात मिले। उन्होंने कहा कि जैसे ही पानी का स्तर कम होगा, नगर निगम की ओर से व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि जलभराव के बाद किसी प्रकार की बीमारी फैलने की स्थिति न बने।
जलभराव के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर भी नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पानी कम होते ही प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा। जलभराव वाले स्थानों से कचरा हटाने, गंदगी की सफाई और जरूरत के अनुसार सैनिटाइजेशन जैसे कार्यों पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को कम करने के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियों को भी नियमित रूप से जारी रखने की योजना है। नगर निगम की टीमें पानी की निकासी के साथ-साथ आसपास की स्वच्छता व्यवस्था पर भी नजर रखेंगी।
फैजुल्लागंज में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम की टीमों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और जल निकासी जैसे जरूरी इंतजामों में किसी तरह की कमी न हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
फिलहाल नगर निगम और जिला प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने, जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने और बीमारी की आशंका को रोकने पर है। पानी कम होने के बाद बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाने की तैयारी है। महापौर और नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल निकासी और राहत कार्यों में तेजी आएगी तथा जल्द ही क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी।
Updated on:
08 Oct 2026 01:39 pm
Published on:
08 Oct 2026 01:39 pm
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