
लूट, डकैती और चोरी समेत करीब दो दर्जन मुकदमे दर्ज, क्राइम ब्रांच और इंदिरानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
UP Police: राजधानी लखनऊ में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच की एसओजी टीम और थाना इंदिरानगर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामिया आरोपी दरबारी उर्फ ननकन्नू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पकड़ा गया आरोपी सीतापुर का निवासी है और उसके खिलाफ लूट, डकैती, चोरी समेत करीब दो दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी और उसकी गिरफ्तारी को अपराध नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार दरबारी उर्फ ननकन्नू पर गंभीर आपराधिक मामलों के कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, डकैती और चोरी जैसे मामले शामिल बताए जा रहे हैं। आपराधिक गतिविधियों में उसकी संलिप्तता के चलते पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद से विभिन्न पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास और पूर्व में दर्ज मुकदमों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह किन-किन आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा और उसके साथ कौन-कौन लोग सक्रिय थे।
इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच के एसओजी प्रभारी शिवानंद मिश्रा की टीम और थाना इंदिरानगर पुलिस की टीम की भूमिका रही। पुलिस टीम ने इनामी आरोपी तक पहुंचने के लिए उपलब्ध सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस के लिए यह गिरफ्तारी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि आरोपी पर पहले से बड़ी संख्या में आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। इनामी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आपराधिक गतिविधियों की पड़ताल भी की जा सकती है।
दरबारी उर्फ ननकन्नू से जुड़े आपराधिक नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई पहले भी सामने आ चुकी है। पुलिस के अनुसार उसके साथी सुरेश पासी को पूर्व में क्राइम ब्रांच और इंदिरानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सुरेश पासी के खिलाफ भी करीब तीन दर्जन आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। सुरेश पासी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस आपराधिक नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। अब दरबारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके और उसके पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके साथियों के बीच संबंधों की भी जांच कर सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इन आरोपियों ने किन-किन घटनाओं को अंजाम दिया और उनके गिरोह में अन्य कौन लोग शामिल रहे हैं।
इसी नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी फिरोज को भी पूर्व में एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस के अनुसार फिरोज के खिलाफ करीब 28 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए थे। इस तरह एक ही आपराधिक नेटवर्क से जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग समय पर पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई सामने आ चुकी है। दरबारी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके साथियों और पुराने आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड को खंगाल सकती है। इससे पूर्व में हुई घटनाओं के संबंध में भी नई जानकारी सामने आने की संभावना है। हालांकि किसी आरोपी की किसी विशेष घटना में भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होगा।
पुलिस के सामने अब सबसे अहम काम आरोपी के आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच करना है। करीब दो दर्जन मुकदमों में उसका नाम दर्ज होने की बात कही जा रही है। इनमें लूट, डकैती और चोरी जैसे गंभीर अपराध शामिल बताए गए हैं। पुलिस इन मुकदमों के रिकॉर्ड को खंगालकर यह पता लगाएगी कि कौन-कौन से मामले लंबित हैं और किन मामलों में आरोपी की भूमिका दर्ज है। इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के दौरान कहां-कहां रहा और क्या उसने इस अवधि में किसी नई आपराधिक घटना को अंजाम दिया। उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
राजधानी में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा इनामी और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। दरबारी उर्फ ननकन्नू की गिरफ्तारी भी इसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। 50 हजार रुपये के इनाम वाले आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस को उसके पुराने मामलों की जांच आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। पुलिस टीम अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों के संबंध में जानकारी जुटाएगी। साथ ही उसके खिलाफ दर्ज मुकदमों की वर्तमान स्थिति का भी सत्यापन किया जाएगा। यदि किसी अन्य घटना में उसके शामिल होने के तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित मामलों में भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
क्राइम ब्रांच और इंदिरानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों का फोकस अब आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की तह तक पहुंचने पर रहेगा। एक के बाद एक उसके साथियों की गिरफ्तारी और अब 50 हजार के इनामी दरबारी की गिरफ्तारी से पुलिस को इस नेटवर्क के संबंध में आगे की जांच का आधार मिला है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। उसके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम और आपराधिक घटनाओं के बारे में भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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Updated on:
05 Oct 2026 03:32 pm
Published on:
05 Oct 2026 03:32 pm
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