
यूपी कैबिनेट में दो डिप्टी सीएम समेत 52 मंत्रियों ने शपथ ली। पर इनमें एक चेहरा ऐसा था जिसने सभी को हैरान कर दिया। जब नाम जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे। भाजपा ने मंत्रिमंडल में एकलौते मुस्लिम को मंत्री बनाया। मुस्लिम मंत्री का नाम दानिश आजाद अंसारी हैं। दानिश का भाजपा प्रेम सुनेंगे तो आवाक रह जाएंगे। जानिए दानिश आजाद अंसारी की खासियत, जिसकी वजह से वह भाजपा के दिग्गज नेताओं के दिल में जगह बना सके। दानिश उन चेहरों में एक हैं, जो पार्टी के लिए मेहनत करते रहे हैं। जिसका उन्हें इनाम भी मिला।
दानिश आजाद अंसारी छह साल तक भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ता रहे हैं। दानिश केवल मुस्लिम चेहरा नहीं हैं बल्कि वह उस पसमांदा यानी पिछड़े मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि हैं, जो एक अर्से से अपनी अनदेखी की आवाज उठा रहा है।
बलिया के दानिश लखनऊ विवि में पढ़े
दानिश आजाद अंसारी (32 वर्ष) मूल रूप से बलिया के बसंतपुर के रहने वाले हैं। 2006 में लखनऊ विश्वविद्यालय से बीकाम की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद यहीं से मास्टर ऑफ क्वालिटी मैनेजमेंट फिर मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की है।
मुस्लिम युवाओं के बीच छा गए दानिश
जनवरी 2011 में भाजपा के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ गए। यहीं से दानिश के आजाद ख्यालात लखनऊ विश्वविद्यालय में गूंजने लगे। दानिश ने खुलकर एबीवीपी के साथ-साथ भाजपा और आरएसएस के लिए युवाओं के बीच माहौल बनाया। खासतौर पर मुस्लिम युवाओं के बीच।
अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश महामंत्री बनाया गया
दानिश 2018 में फखरुद्दीन अली अहमद मेमोरियल कमेटी के सदस्य रहे। बाद में उन्हें उर्दू भाषा समिति का सदस्य बना दिया गया। ये एक तरह से दर्जा प्राप्त मंत्री का पद होता है। अक्टूबर 2021 में दानिश को भाजपा ने अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री पद की जिम्मेदारी दे दी।
Published on:
26 Mar 2022 06:30 pm
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