
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी (PC: IANS)
SP National Spokesperson Rajkumar Bhati: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से लेकर गठबंधन और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर बेबाक बयान दिए हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत 3 लोगों को सरकारी गवाह बनाए जाने के मामले पर भाटी ने सवाल उठाए है। सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर छोटे लोगों को निशाना बनाया गया है, जबकि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।
राजकुमार भाटी ने कहा कि सपा शुरुआत से ही SIT की जांच पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT का गठन मामले की लीपापोती के लिए किया गया था। भाटी ने कहा कि छोटे-मोटे लोगों को फंसाकर बड़े मगरमच्छों को बचा लिया जाएगा, यह बात सपा पहले दिन से कह रही थी।उन्होंने कहा कि अब छोटे लोगों को फंसा दिया गया है, जबकि उनके मुताबिक इस मामले के असली सरगना सुरक्षित हैं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर समाजवादी पार्टी पहले भी सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा चुकी है। सपा का आरोप रहा है कि मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। भाटी ने कहा कि जांच ऐसी होनी चाहिए जिसमें मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका सामने आए। सपा प्रवक्ता ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर एक बार फिर कहा कि मौजूदा जांच से सपा संतुष्ट नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद मामले की नए सिरे से जांच होगी और जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, उनके बारे में सही तस्वीर सामने आएगी।
सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कांग्रेस पार्टी और गठबंधन से जुड़े बयानों पर भी अपनी बात रखी। कांग्रेस नेताओं की तरफ से गठबंधन और आपसी बयानों को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और उनमें शामिल लोगों के बयानों को बहुत हल्के में या कम आकलन के साथ नहीं लिया जाना चाहिए। राजनीति में हर एक बयान और कदम का अपना एक विशेष महत्व होता है और पार्टी इस पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद से हटने की मांग और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवादों पर भी समाजवादी पार्टी की तरफ से तीखा रुख अपनाया गया है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि आज देश-भर के लोगों और विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटने की मांग उठाई जा रही है और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और कहा कि देश में मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफे और पद छोड़ने के उदाहरण सामने आते रहे हैं।
Updated on:
27 Sept 2026 06:19 pm
Published on:
27 Sept 2026 06:01 pm
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