25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी में कोविड के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर योगी सरकार ने जारी किए निर्देश

Covid-19 positive 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में चलाया जाएगा सघन अभियान, सभी विभागों को जारी गए है आदेश।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Ritesh Singh

•

Updated: 31 Mar 2023, 4:43 PM IST

  टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर फोकस

टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर फोकस

प्रदेश के कुछ जिलों में कोविड-19 के मामलों में आंशिक वृद्धि को देखते हुए योगी सरकार सतर्क हो गई है। सरकार की ओर से ऐसे जनपदों में तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स एवं अस्पतालों (सरकारी एवं निजी) को सतर्क रहने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: Liquor News: शराब और बीयर के दामों में होने जा रही बढ़ोत्तरी ,जानिए कितने बढ़ेंगे दाम

साथ ही सभी जनपदों में रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस और सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इंफेक्शन के मामलों की सघन निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं। सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इन्फेक्शन केसेज की कोविड जांच नेगेटिव होने पर सीजनल इन्फ्लूएंजा की जांच कराने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश नगर निगम कर्मचारी संघ ने बकाए धनराशि की मांग, जारी हुआ आदेश


योगी सरकार ने जारी किए निर्देश

प्रदेश में बीते कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में आंशिक वृद्धि देखने को मिली है। 28 मार्च को कोविड-19 के सक्रिय रोगियों की संख्या 340 थी। ऐसे में योगी सरकार ने कोविड-19 के प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए हैं।

पॉजिटिव सैंपल्स की होगी जीनोम सीक्वेंसिंग

मुख्य सचिव के समक्ष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के विषय पर प्रस्तुतीकरण में यह निर्देश जारी किए गए। इसके अनुसार आरटीआई, आईएलआई, एसएआरआई के मामलों में बढ़ोत्तरी की तुरंत सूचना देने की हिदायत दी गई है। यही नहीं, कोविड-19 के सूचित होने वाले स्थानों पर कोविड-19 की सघन सैंपलिंग के भी आदेश हैं। लैब्स को कोविड-19 के पॉजिटिव नमूनों को सुरक्षित करते हुए ,जीनोम सीक्वेंसिंग (डब्ल्यूजीएस) के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे।


अस्पतालों को भी जारी हुए आदेश

कोविड-19 के पॉजिटिव रोगियों को आईसीसीसी के माध्यम से कॉल करना सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने वृद्ध रोगियों की विशेष देखभाल और सावधानी बरतने को भी कहा है। इसके अतिरिक्त अस्पतालों में लॉजिस्टिक, औषधियां, पीपीई किट्स, ग्लव्स, मास्क की उपलब्धता एवं उपकरणों, ऑक्सीजन प्लांट एवं कंसंट्रेटर की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को मामलों की गंभीरता देखते हुए तत्काल डेडिकेटेड चिकित्सालय, वार्ड एक्टिव किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें: अल्पसंख्यक मंत्री बोले निकाय चुनाव में मुस्लिम समुदाय को मौका

टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर फोकस

28 मार्च तक जो जिले कोविड-19 से सबसे ज्यादा ग्रस्त हैं उनमें गौतमबुद्धनगर (57), गाजियाबाद (55), लखीमपुर खीरी (44), लखनऊ (27), बिजनौर (12), ललितपुर (9) और सहारनपुर (8) हैं। इन जिलों के लिए सावधानीपूर्वक वर्तमान स्थिति पर नजर रखे जाने को आवश्यक बताया गया है। वहीं प्रभावित जिलों में टेस्टिंग और ट्रीटमेंट बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। वहीं, पूर्व की कोविड-19 लहरों में सबसे अधिक प्रभावित हुए जिलों में भी विशेष सावधानी बरतने के लिए निर्देशित किया गया है। प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी ऐसे जिले हैं जिन्हें संवेदनशील माना जाता है।

1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में चलाया जाएगा सघन अभियान

प्रदेश में एक अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाना है। वहीं 17 से 30 अप्रैल के बीच दस्तक अभियान चलेगा। इसके अंतर्गत ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में साफ सफाई, जलभराव निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही हाई रिस्क एरिया में अंतर्विभागीय सहयोग के साथ सघन वाहक, मच्छर नियंत्रण गतिविधियां चलाई जाएंगी। स्कूलों में रोगों से बचाव, रोकथाम के लिए जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। दस्तक अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स के माध्यम से चिन्हित किए गए लक्षण युक्त व्यक्तियों की जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।