
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में राज्यसभा प्रत्याशियों का नामांकन(फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के सभी आठ घोषित प्रत्याशियों ने अपना पर्चा दाखिल किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने विधान भवन में नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर को होना है।
नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत प्रदेश सरकार के कई मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, रजनी तिवारी और बलदेव सिंह औलख सहित कई नेताओं ने प्रत्याशियों के नामांकन में भाग लिया।
भाजपा ने नामांकन से पहले सभी आठ प्रत्याशियों को एक साथ पार्टी मुख्यालय पर जुटाया। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ प्रत्याशी विधान भवन पहुंचे। सामूहिक रूप से नामांकन किए जाने से पार्टी की ओर से चुनावी प्रक्रिया में संगठनात्मक एकजुटता का संदेश भी सामने आया। नामांकन की प्रक्रिया के दौरान पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे।
भाजपा ने सोमवार को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे। इनमें धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं। केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद इन नामों को सार्वजनिक किया गया था। पार्टी की घोषित सूची में संगठन, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से जुड़े अलग-अलग चेहरे शामिल हैं। इनमें दो महिला प्रत्याशी प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार भी हैं। वहीं धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर और अन्य प्रत्याशियों का अपने-अपने क्षेत्रों और संगठन में अलग अनुभव रहा है।
भाजपा की सूची में संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाल चुके नेताओं को भी स्थान मिला है। प्रकाश पाल प्रदेश भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा से जुड़े रहे हैं, जबकि राम प्रताप सिंह चौहान प्रदेश संगठन में महामंत्री की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। गोपी कृष्ण पांडेय भी लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। राधाकांत ओझा की पहचान वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में रही है और वह इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं विद्यासागर सोनकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से लोकसभा की पूर्व सांसद रह चुकी हैं। श्रुति गंगवार बरेली क्षेत्र से जुड़ी हैं और वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष गंगवार की पुत्री हैं।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम तय है। नामांकन की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है, जबकि मतदान 16 अक्टूबर को होगा। भाजपा ने फिलहाल आठ प्रत्याशी उतारे हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से राम गोपाल यादव और धनराज नथवाणी नामांकन कर चुके हैं। राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के नामांकन के बाद अब चुनावी प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर गई है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
भाजपा की घोषित सूची की एक खास बात यह भी है कि इसमें मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में से किसी को दोबारा प्रत्याशी नहीं बनाया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी ने इस बार नए चेहरों और संगठन से जुड़े नेताओं को अवसर दिया है। पार्टी की सूची में अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को शामिल किया गया है। रिपोर्टों में तीन ओबीसी, दो ब्राह्मण, दो दलित और एक राजपूत पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों का उल्लेख किया गया है। दो महिला प्रत्याशियों को भी सूची में जगह मिली है। हालांकि इस सामाजिक संरचना को लेकर पार्टी की ओर से अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं सामने आ सकती हैं, लेकिन उम्मीदवारों की सूची में विविध सामाजिक प्रतिनिधित्व स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
आठ प्रत्याशियों के नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। विधान भवन में नामांकन के दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं और पार्टी नेताओं ने भी उम्मीदवारों के साथ मौजूद रहकर नामांकन प्रक्रिया पूरी कराई। अब चुनावी प्रक्रिया में नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के चरण पूरे होने हैं। इसके बाद 16 अक्टूबर के मतदान की तैयारी होगी। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला यह चुनाव विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि अंतिम चुनावी तस्वीर नामांकन और नाम वापसी की सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मंगलवार को विधान भवन परिसर में भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों का जमावड़ा रहा। प्रत्याशियों के साथ प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उप मुख्यमंत्री और सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे। इससे नामांकन कार्यक्रम पार्टी के बड़े संगठनात्मक आयोजन के रूप में भी नजर आया। आठों प्रत्याशियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। अब निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण में दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद जरूरत पड़ने पर उम्मीदवारों के बीच चुनावी मुकाबले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल भाजपा के आठ प्रत्याशियों के नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ गई है।
Updated on:
06 Oct 2026 02:48 pm
Published on:
06 Oct 2026 02:25 pm
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