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महासमुंद के 187 सरकारी स्कूलों में शुरू होगी स्मार्ट क्लास, तकनीक के साथ बदलेगा बच्चों के सीखने का तरीका

Smart Classroom Project: महासमुंद जिले के 187 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की तैयारी शुरू हो गई है। अब बच्चों को ब्लैकबोर्ड और किताबों के साथ स्क्रीन, चित्र, वीडियो और डिजिटल कंटेंट के जरिए पढ़ाया जाएगा।
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Chhattisgarh Smart Class

187 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास (Photo Source- Patrika)

Chhattisgarh Smart Class: सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में अब पढ़ाई का अंदाज बदलने वाला है। ब्लैकबोर्ड और किताबों के साथ स्क्रीन पर दिखने वाले चित्र, वीडियो और डिजिटल कंटेंट भी बच्चों की पढ़ाई का हिस्सा बनेंगे। जिले के 187 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की तैयारी शुरू हो गई है। पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय और पीएम श्री स्कूल भी इस योजना में शामिल हैं। प्रोजेक्टर, वेब कैमरा, कांफ्रेंस माइक और ई-लर्निंग मॉड्यूल से लैस इन कक्षाओं में कठिन विषयों को दृश्य और इंटरैक्टिव तरीके से समझाया जाएगा।

School Education News: स्मार्ट क्लास के लिए कमरों का चयन

खास बात यह है कि इस पहल का दायरा ग्रामीण स्कूलों तक पहुंच रहा है, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से जोडऩे की जरूरत सबसे अधिक महसूस की जाती है। शिक्षा विभाग के अनुसार स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर, यूपीएस, कांफ्रेंस माइक, वेब कैमरा सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक विद्यालय की जरूरत के अनुसार सामग्री तय की जाएगी। विभाग की ओर से स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए उपयुक्त कमरों का चयन किया जा रहा है। ऐसे कमरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां सीलन की समस्या नहीं हो और खिड़की-दरवाजे की पर्याप्त व्यवस्था हो।

स्मार्ट क्लास शुरू होने के बाद पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थी वीडियो और अन्य दृश्य माध्यमों के जरिए पाठ्यक्रम के विषयों को समझ सकेंगे। किसी कठिन अवधारणा को चित्र, वीडियो या डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से समझाने से बच्चों के लिए सीखना आसान होगा। विभाग ने संबंधित स्कूलों का चिह्नांकन कर लिया है। जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) रेखराज शर्मा ने बताया कि जिले के 187 स्कूलों में स्मार्ट क्लास खोलने की तैयारी चल रही है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोडऩा बड़ा लक्ष्य

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बदलती शिक्षा व्यवस्था के साथ कदम से कदम मिलाकर चलाने के लिए डिजिटल संसाधनों से जोडऩा इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिले के कुछ शासकीय स्कूलों में पहले से प्रोजेक्टर और अन्य डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। अब स्मार्ट क्लास की संख्या बढऩे से अधिक स्कूलों के विद्यार्थी तकनीक आधारित अध्ययन से जुड़ेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पढऩे वाले बच्चों को भी ऐसी शिक्षण सामग्री तक पहुंच मिलेगी, जो सामान्य कक्षा में उपलब्ध कराना हमेशा संभव नहीं होता।

Smart Class Chhattisgarh: एआई से पढ़ाई का अगला चरण भी तैयार

डिजिटल शिक्षा के बाद सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल की दिशा में भी तैयारी की जा रही है। शिक्षा व्यवस्था में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को समझने और उनकी पठन-पाठन क्षमता का आकलन करने में सहायता मिल सकती है। बच्चों की जरूरत के अनुसार सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के नए अवसर मिलेंगे। एआई आधारित शिक्षा के संबंध में औपचारिक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके बावजूद भविष्य में तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए तैयारी की जा रही है। एआई को शिक्षक का विकल्प बनाने के बजाय टूल के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में विचार किया जा रहा है।