
अपनी संस्कृति के कारण ही भारत का नाम विश्व की ताकतों में: दलाई लामा
मथुरा। आध्यात्मिक धर्मगुरु दलाई लामा (Dalai lama tibet spiritual leader) वृंदावन पहुंच चुके हैं। आध्यात्मिक धर्मगरू दलाई लामा (Dalai lama) यहां रमणरेती आश्रम (Ramanreti Ashram, पहुंचे। रमणरेती आश्राम में उनका भव्य स्वागत किया गया। गुरु शरणानंद महाराज (Guru Sharanand) उन्हें खुद रिसीव करने आश्रम के बाहर आए। शरणानंद महाराज ने दलाई लामा को आश्रम घुमाया। इस दौरान वृंदावन के कई संत रमणरेती आश्रम में मौजूद रहे।
दलाई लामा रमनबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए भी गए। चांदी के सिंहासन पर बैठाकर यमुना जल से नका महाअभिषेक किया गया।
गुरु शरणानंद महाराज के महावन स्थित रमणरेती आश्रम में आध्यात्मिक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए दलाई लामा ने कहा कि भारत की संस्कृति सबसे प्राचीन है। इसे बचाए रखने की जरूरत है। दुनिया भर में भारत की संस्कृति का बड़ा महत्व है। भारत की संस्कृति प्यार का संदेश देती है। अपनी संस्कृति के कारण ही भारत का नाम विश्व की ताकतों में है।
सोमवार को धर्मगुरु दलाई लामा रमणरेती धाम में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में उपस्थित रहेंगे। दलाई लामा के इस कार्यक्रम के लिए रमणरेती आश्रम में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
Updated on:
22 Sep 2019, 5:34 PM IST
Published on:
22 Sep 2019, 2:24 PM IST
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