
मथुरा। अगर आप मथुरा ट्रेन से आ रहे हैं तो आपको मथुरा जंक्शन पर उतरते ही अलग एहसास होगा। मथुरा स्टेशन पर आते ही आपको लगेगा कि आप भगवान कृष्ण की नगरी में आ चुके हैं। क्योंकि अब मथुरा जंक्शन स्टेशन को ब्रज के स्वरूप यानी भगवान कृष्ण के चित्रों से सजाया जा रहा है।
बदल रही सूरत
मथुरा जंक्शन की दीवार पर भगवान कृष्ण के विभिन्न चित्रों के माध्यम से सजाने की कवायद चल रही है। देश के किसी भी कौने से जब आप ट्रेन के माध्यम से मथुरा जंक्शन पर उतरेंगे तो आपको अहसास होगा कि राधा कृष्ण की ब्रज भूमि में आ चुके हैं। यात्रियों को ब्रज भूमि का अहसास कराने के लिए मथुरा स्टेशन की सूरत बदली जा रही है। यहां की दीवारों पर बन रही भगवान की पेंटिंग को देखकर यात्री एक बार इनकी तरफ निहारे बगैर नहीं रह पाते। कई यात्री तो भगवान की इन पेंटिंग को अपने मोबाइल में तस्वीरों के जरिये कैद करते नजर आते हैं।
5000 साल पुरानी है शैली
जंक्शन स्टेशन की दीवारों पर बनाई जा रही भगवान कृष्ण की यह पेंटिंग 5000 साल पुरानी एक खास शैली से बनाई जा रही है। इस शैली से महल और मंदिरों में ही पेंटिंग बनाई जाती है। म्यूटल शैली से बनने वाली यह खास पेंटिंग दीवारों पर ही बनाई जाती है। इस खास शैली को मार्केंडेय का चित्र सूत्र कहा जाता है। केरल से इस खास म्यूटल शैली की पेंटिंग को बनाने आये चित्रकार सुमेश के शरनुगन की मानें तो इस पेंटिंग का 50 से 100 साल तक कुछ नहीं बिगड़ेगा। यह पेंटिंग पानी पड़ने से भी खराब नहीं होती। मथुरा जंक्शन स्टेशन की दीवारों पर बहुत जल्द इस तरह की पेंटिंग हर तरफ नजर आएगी। जंक्शन को ब्रज के स्वरूप में ढालने का यह पहला चरण है। इस सबके पीछे सांसद हेमा मालिनी और उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों की सोच है कि जब यात्री ट्रेन से मथुरा जंक्शन पर उतरें तो उसे यह अहसास हो कि वह ब्रज भूमि में आ चुका है।
100 साल तक ऐसी ही रहेगी म्यूरल आर्ट
चित्रकार सुमेश के शरनुगन से जब इन पेंटिंग के बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि मैं एक केरला से आया हूं। यह भारत का बहुत पुराना म्यूरल आर्ट है। यह पेंटिंग अधिकतर मंदिरों और महलों में की जाती है, अब यह पेंटिंग मथुरा रेलवे स्टेशन पर की जा रही है। मथुरा की सांसद हेमा मालिनी द्वारा पेंटिंग कराई जा रहा है। कृष्ण भगवान की लीलाओं को हम पेंटिंग के जरिए दीवारों पर दिखा रहे हैं।
Published on:
26 Apr 2018, 6:18 PM IST
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