
2019 के लिए अब भाजपा ने बनाया नया मास्टर प्लान, भाजपा के दिग्गज नेताओं को मिला ये टारगेट
मेरठ. पश्चिम उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में करारी हार झेलने के बाद अब भाजपा ने 2019 के आम चुनाव में जीत के लिए मास्टर प्लान तैयार किया है। भाजपा ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में फिर से अपना जनाधार वापस पाने के लिए चुनावी रणनीति के तहत क्षेत्र को किसानों पर फोकस करना शुरू कर दिया है। खरीफ फसलाें के न्यूनतम समर्थन मूल्य से पश्चिम के किसानों को अधिक लाभ नहीं हुआ है। इसके उलट पश्चिम के किसानों का कहना है कि किसानों की प्रतिवर्ष गन्ना मूल्य भुगतान और मूल्य वृद्धि की जो समस्या रहती है उसका सरकार समाधान कर दे।
पश्चिम के किसानों के बीच से मिले इनपुट के आधार पर ही पार्टी अब पश्चिम के किसानों के बीच जाकर सम्मेलन करेगी। पार्टी के पदाधिकारियों का टास्क दिया गया है कि वे लोग किसानों के बीच जाएं और सम्मेलनों में खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में हुई अब तक की सबसे अधिक वृद्धि के बारे में बताए। बंद शुगर मिलों के चालू करने और अधिक गन्ना पेराई के साथ भुगतान की समस्या समाप्ति के बारे में भी किसानों से बातचीत कर उनकी राय जाने कि क्या किसान भाजपा सरकार के कामों से खुश है या नहीं।
दरअसल, सत्तारुढ़ भाजपा के पदाधिकारियों को पश्चिम उत्तर प्रदेश के 65 विधानसभा क्षेत्रों में किसान कल्याण सम्मेलन करने का टारगेट दिया गया है। इनमें उन विधानसभाओं को चुना गया है जो किसान बाहुल्य हैं। आगामी पांच दिन में इन विधानसभाओं में किसानों से बात कर उनकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। पार्टी ने किसान कल्याण सम्मेलन की जिम्मेदारी सतेंद्र शिशौदिया को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि किसान कल्याण सम्मेलन में किसानों को भाजपा सरकार की नीतियों और पूर्व सरकार की नीतियों के बीच अंतर के बारे में बताया जाएगा। किसानों से पूछा जाएगा कि क्या वे भाजपा सरकार से संतुष्ट हैं? अगर है तो क्यों और नहीं संतुष्ट हैं तो उसके क्या कारण हैं? सम्मेलनों से भाजपा पदाधिकारी किसानों के बीच अपनी बात रखेगे और अधिक से अधिक किसानों को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले किसान सभी राजनीतिक दलों के टारगेट पर हैं और उनके द्वारा किसानों को रिझाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। भाजपा का प्रयास है कि उनकी सरकार ने किसानों के लिए जो काम किए हैं, उनके बारे में अधिक से अधिक किसानों को बताया जाए। क्षेत्रीय अध्यक्ष अश्वनी त्यागी का कहना है कि आगामी पांच दिन में सभी ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में किसान कल्याण सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
Published on:
16 Jul 2018 12:47 pm
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