
केरल: रेप के आरोपी बिशप के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली नन को चर्च ने किया निलंबित
तिरुवनंतपुरम। केरल के रेप मामला देश में गर्माया हुआ है। आरोपी बिशप की गिरफ्तारी भी हो गई है। वहीं इसी बीच खबर आई है कि चर्च का हिस्सा रहीं एक नन को निलंबित कर दिया गया है। चर्च से निकाली गईं नन ने आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इसके बाद उन्हें चर्च ने निकाल दिया। जिसकी उन्हें कोई वजह भी नहीं बताई गई।
'मेरी गलती क्या है?'
आरोपी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली नन लूसी कलप्पुरा ने निलंबित करने पर सख्त नाराजगी जताई है। सिस्टर लूसी ने कहा, 'मुझे निष्कासित करने से पहले, मेरी गलती क्या है यह बताना चाहिए। मैं अपनी जिम्मेदारियों को आज तक पूरी सक्रियता से पूरा कर रही हूं। यह साफ किया जाना चाहिए कि मुझे निष्कासित क्यों किया गया है?'साथ ही चर्च से निकाली गई नन ने कहा कि चर्च में रेप पर किसी ने आवाज नहीं उठाई, इसलिए उन्हें दुख हुआ। नन ने बताया, 'मुझे इस बात का दुख हुआ कि जब फ्रैंको (आरोपी बिशप ) ने एक नन का 13 बार बलात्कार किया तो चर्च आवाज नहीं उठा सका। मुझे ऐसा लगा कि मुझे पीड़ित नन को समर्थन करना चाहिए। जहां रेप की घटना हुई सब चुप थे, वहां आवाज उठाने पर मेरे खिलाफ कितनी जल्दी कार्रवाई की गई। हो सकता है कि यह चर्च के विक्टर्स की टीम हो जिन्होंने निर्णय लिया है।' बता दें कि नन्स ने आरोपी बिशप के खिलाफ प्रदर्शन किया था, जिस कारण चर्च प्रबंधन काफी नाराज बताया जा रहा था।
दो साल तक लगातार रेप करने का आरोप
पीड़िता ने मुलक्कल पर 2014 से 2016 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उसी समूह की पांच अन्य ननों ने पीड़िता के दावे का समर्थन किया है। बिशप के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और 114-पृष्ठों का एक विस्तारित बयान पीड़िता और कान्वेंट (मठ) की अन्य ननों से लिया गया है। मुलक्कल ने हालांकि इन अरोपों से इनकार किया है और इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है।
Updated on:
24 Sept 2018 12:18 pm
Published on:
24 Sept 2018 12:18 pm
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