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नई दिल्ली। मोदी सरकार द्वारा चलाए गए ‘आयुष्मान भारत’ योजना को एक बड़ा झटका लगा है। 'आयुष्मान भारत’ योजना के तहत लगभग 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य बीमा देने की योजना पर दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों ने पानी फेर दिया है।
दरअसल, पीएम मोदी ने स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए ‘आयुष्मान भारत’ योजना लाॅन्च किया था, जिसके तहत लोगों को कम कीमतों पर अस्पताल से इलाज की सुविधा देने की बात कही गई थी। लेकिन अब जानकारी है कि दिल्ली-एनसीआर के कई अस्पतालों ने कम कीमतों पर इलाज करने के लिए मना कर दिया है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार इनमें दिल्ली-एनसीआर के कई बड़े अस्पतालों का नाम भी है, जिनमें फोर्टिस, मेदांता, मैक्स और अपोलो के नाम भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि लगभग दो हजार से भी ज्यादा अस्पतालों ने इस योजना के तहत सस्ता इलाज देने के लिए मना कर दिया है। जिससे अब दिल्ली-एनसीआर में मरीजों को सस्ता इलाज देने के लिए सरकार को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
इस बात का खुलासा तब हुआ जब इन अस्पतालों ने कुछ दिन पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र लिखा और सस्ता इलाज देने वाली ‘आयुष्मान भारत’ योजना को मानने से मना कर दिया।
जिसके बाद आयुष्मान भारत ने अपनी योजना में कुछ बदलाव किए, लेकिन फिर भी कई अस्पतालों ने इन बदले हुए नियमों को भी मानने के लिए मना कर दिया। अस्पतालों का कहना है कि सरकार ने कई बड़े इलाजों को एक साथ मिलाकर पैकेज बनाए हैं, जिन्हें बहुत कम कीमतों में दिए जाने की बात कही गई है। लेकिन इससे अस्पतालों को बड़ा नुकसान होगा।
प्राइवेट अस्पतालों के संगठन एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स के डीजी डॉ. गिरधर ज्ञानी ने कहा कि सरकार ने करीब 10 करोड़ परिवार को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष स्वास्थ्य बीमा देने का वादा किया है, जिसमें बीमारियों के करीब 1352 पैकेज दिए जाने की बात कही है। डॉ. गिरधर ज्ञानी ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि इतने कम कीमत पर इलाज देना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि अभी हाल ही में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मोदी सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना को प्रदेश में लागू किया था। जिसमें कहा गया है कि लोगों को पांच लाख रुपये तक नि:शुल्क इलाज मिलेगा। लेकिन अब इस योजना पर अस्पतालों द्वारा लिए गए फैसले के बाद सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
Published on:
31 May 2018 08:07 am
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