
पश्चिम बंगाल के कोंटई सब डीविजन में एक 34 वर्षीय व्यक्ति ने खुद को और अपने परिवार के सदस्यों पर चाकू से वार किया, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि व्यक्ति का दावा है कि वह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लेकर चिंतित था। बसंतिया गांव के निवासी ताहिरुद्दीन एसके को गुरुवार को आत्महत्या की कोशिश के बाद गंभीर रूप से घायल हालत में एनआरएस मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मानसिक रूप से परेशान था शख्स
पूर्वी मिदनापुर जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि पेशे से राजमिस्त्री ताहिरुद्दीन मानसिक रूप से तनावग्रस्त रहा होगा, जिससे उसने इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारी के अनुसार- "उसने खुद पर चाकू के कई वार किए हैं। फिलहाल उसका इलाज किया जा रहा है। वे मानसिक रूप से परेशान है, इसलिए जब तक डॉक्टर अनुमति नहीं देते हम उससे पूछताछ नहीं करेंगे।"
किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ा
पीड़ित के एक रिश्तेदार ने बताया कि वह सीएए और एनआरसी को लेकर चिंतित था। रिश्तेदार ने कहा कि- "वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा था, लेकिन हाल-फिलहाल में उसने सीएए और एनआरसी के कई विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।"
NRC और CAA को लेकर था चिंतित
रिश्तेदार ने आगे कहा कि- "वह चिंतित था। वह कई लोगों से पूछ चुका था कि इन दोनों के लागू होने से क्या होगा। वह अपने दस्तावेजों में त्रुटियों की वजह से भी परेशान था।" राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोंटई-2 पंचायत समिति के उपाध्याक्ष तरुण जाना ने कहा कि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में लोग डर में जी रहे हैं। उन्होंने कहा, "लोगों में भरोसा पैदा करने के लिए सरकार को अपनी कोशिशें बढ़ानी पड़ेगी।"
गुमराह कर रही है सत्तारूढ़ पार्टी
वहीं भाजपा के कोंटई संगठनात्मक जिले के उपाध्यक्ष अनूप चक्रवर्ती के अनुसार- "तृणमूल कांग्रेस और उसके नेतृत्वकर्ताओं को जिम्मेदारी लेनी होगी। सत्तारूढ़ पार्टी लोगों को नागरिकता संशोधन कानून पर गुमराह कर रही है। वे एनआरसी के खिलाफ अभियान चलाकर लोगों के अंदर भय पैदा कर रहे हैं।"
Updated on:
17 Jan 2020 04:49 pm
Published on:
17 Jan 2020 04:43 pm
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