
CAG राजीव महर्षि बनाए गए WHO के बाह्य लेखा परीक्षक, रेस में थे कई देश
नई दिल्ली। भारत के नियन्त्रक और महालेखा परीक्षक ( CAG ) राजीव महर्षि ( rajiv mehrishi ) के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। महर्षि को विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) का बाह्य लेखा परीक्षक चुना गया है। इस पद पर राजीव महर्षि चार साल तक रहेंगे। उनके नाम पर सर्वसम्मति पिछले महीने ही बन गई थी। जब जेनेवा में 72वीं विश्व स्वास्थ्य महासभा का आयोजन हुआ था।
चार साल तक रहेंगे पद पर
सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर राजीव महर्षि के नाम का ऐलान किया गया है। जिसके मुताबिक भारत के कैग राजीव महर्षि फिलीपींस के सुप्रीम ऑडिट इंस्टीट्यूशन से डब्ल्यूएचओ के बाह्य ऑडिटर की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल 2020 से 2023 तक रहेगा।
कई देशों के कैग को महर्षि ने दी मात
दुनिया के इस प्रतिष्ठित पद की रेस में कई देशों ने कैग शामिल थे। जिसमें कांगो, फ्रांस , घाना, ट्यूनीशिया और यूनाइटेड किंगडम प्रमुख हैं। बता दें कि राजीव महर्षि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वस्त अधिकारी माना जाता है।
कौन हैं राजीव महर्षि
महर्षि राजस्थान कैडर के 1978 बैच के भारतीय प्रशासनिक अधिकारी हैं। 25 सितम्बर 2017 को वे भारत के 13वें नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) बनाए गए। केंद्रीय गृह सचिव के पद रिटायर होने के तुरंत बाद महर्षि को कैग पद की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई थी। वे 2014 में राजस्थान के मुख्य सचिव रह चुके हैं।
Updated on:
4 Jun 2019, 11:32 AM IST
Published on:
3 Jun 2019, 10:19 PM IST
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