
नई दिल्ली। अगर आप किसी से राहत इंदौरी के बारे में पूछिए तो शायद ही कोई शख्स ऐसा होगा जो ये बताए कि मैं उनको नहीं जातना। इतना ही नहीं प्रसिद्ध शायर और लेखक अपने अंदाज में शायरी के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। लेकिन इस बार वो सुर्खियों में शायर होने के लिए कम, इंसानियत के लिए ज्यादा हैं।
दरअसल, इस समय पूरी दुनिया कोरोना संकट के दौर से गुजर रहा है। कोरोना की वजह से कई शहर गम नगरी में तब्दील हो चुके हैं। इस मार्मिक घटना ने मशहूर शायर राहत इंदौरी को झकझोर कर रख दिया है। कोरोना ने उन्हें मानसिक रूप से भी तोड़कर रख दिया हैं। इन दिनों वो इतने परेशान हैं कि कोरोना के खिलाफ जंग में आगे आए हैं। इंसानियत के नाम पर उन्होंने ऐसा काम किया जिसके लिए वो दशकों से जाने जाते हैं। लेकिन इस बार उनका अंदाज तो पुराना ही है मकसद बदल गया है।
पहले किए उनके ट्वीट में लोग जिस राहत को जानते थे वो इस बार नहीं दिखा। लेकिन इस बार उनके एक ट्वीट ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया। इतना ही नहीं इंदौरी के अंदर छुपे इंसानियत का चेहरा भी सबके सामने लाकर रख दिया है। उनके ट्वीट से ऐसा लगता जैसे कि उनके व्यक्तित्व के खास पहलू इसी कोरोना का इंतजार था।
अपने ट्वीट में उन्होंने कोरोना वायरस की खिलाफत की है। शहर इंदौर के रहवासी प्रख्यात शायर राहत इंदौरी ने देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मरीजों को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि खुदा ना करे, मुल्क में #COVID-19 के मरीज़ों की तादाद ज्यादा हो, अगर हो जाए और इंदौर में मरीज़ों को आइसोलेट करने के लिए अलग कमरों की ज़रूरत हो, तो मेरा मकान हाज़िर है। रब हम सबकी इस वबा से हिफाज़त करें।
उन्होंने अपने इस ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टैग किया है।
बता दें कि देशभर में अब तक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 700 के ऊपर पहुंच गई है। पूरे देश में लॉकडाउन—21 घोषित किया जा चुका है। अपने शहर में कोरोना वायरस से हुई पहली मौत और उसके बाद लगे कर्फ्यू ने राहत इंदौरी को भी हिलाकर रख दिया है। उन्होंने धड़ाधड़ 5 ट्वीट कर लोगों से घरों में रहने की अपील की और गरीबों का ख्याल रखने की बात कही है।
उन्होंने #21DaysChallenge Anthem... में कहा है:
'घर की दीवारों से हम बतियाएंगे 21 दिन
शहर में सन्नाटे पर फैलाएंगे 21 दिन…
'नाविलें, किस्से, कहानी, टीवी, खबरें, सीरियल
एक एक करके अभी उड़ जाएंगे 21 दिन…
लॉन में रखे हुए गमले पे तुम रखना नजर,
फूल बनके रोज खिलते जाएंगे 21 दिन…
इम्तिहां है देश और इंसानियत का इम्तिहां,
देखना 2 रोज में कट जाएंगे 21 दिन…
अपने में हम इन्हें रखेंगे मेहमां की तरह,
कुछ दिनों में हम से घुल मिल जाएंगे 21 दिन…
उन गरीबों का भी रखना हमें पूरा ख्याल
जिनको है ये फिक्र के क्या खाएंगे 21 दिन…।'
Updated on:
27 Mar 2020, 9:23 PM IST
Published on:
27 Mar 2020, 9:20 PM IST
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