
Haryana government declares black fungus epidemic, legal action will be taken for not following rules
चंडीगढ़। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कुछ राज्यों में ब्लैक फंगस के कई मामले सामने आए हैं, जिसके बाद से चिंताएं बढ़ गई है। वहीं ब्लैक फंगस के लेकर तमाम राज्य सरकारें अभी से ही जरूरी कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में हरियाणा और राजस्थान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया है। साथ ही यह भी आदेश जारी किया गया है कि जो भी ब्लैक फंगस के लिए निर्धारित किए गए नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने कोरोना से स्वस्थ होने के बाद विशेष रूप से डायबिटीज अथवा कम प्रतिरोधक क्षमता और स्टेरॉयड लेने वाले मरीजों के जानलेवा म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) की गिरफ्त में आ जाने को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी व्यक्ति/संस्था या संगठन द्वारा ब्लैग फंगस से जुड़े नियमों के तहत जारी किसी भी आदेश या अधिसूचना की अवहेलना की समीक्षा के लिए प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी।
नियमों का पालन ने करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
राजीव अरोड़ा ने कहा कि इस कमेटी में आंतरिक चिकित्सा, नेत्र विज्ञान, नाक, गला और कान और महामारीविद विशेषज्ञ कमेटी के सदस्य होंगे, जो ऐसी अवज्ञा की समीक्षा करेंगे और किसी व्यक्ति, संस्था और संगठन पर दोष सिद्ध होने पर कानूनन कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस एक गम्भीर लेकिन दुर्लभ फंगस संक्रमण है जो म्यूकोरमाइकोसिस नामक मोल्डों के समूह के कारण होता है। यह मुख्य रूप से उन लोगों को प्रभावित करता है जिन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं या ऐसी इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेते हैं जो शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ने की क्षमता कम करती हैं। उन्होंने ऐसे सभी मरीजों को सलाह दी है कि वे अतिशीघ्र अपना इलाज कराएं और स्टेरॉयड तभी लें जब इसकी अधिक से अधिक जरूरत हो। साथ ही यह भी कहा है कि एंटी-फंगल प्रोफिलैक्सिस लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
एम्फोटेरिसिन-बी टीके के वितरण के लिए कमेटी गठित
आपको बता दें कि ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के बीच हरियाणा सरकार ने एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के वितरण के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी के वितरण पर निर्णय लेगी।
इस विशेषज्ञ कमेटी में पीजीआईएमएस, रोहतक के नेत्र विज्ञान प्रोफेसर डॉ. आर.एस. चौहान, सिविल अस्पताल पंचकूला की ईएनटी सर्जन डॉ सुखदीप कौर, हरियाणा नेत्र रोग सोसायटी के नेत्र रोग विशेषज्ञ महासचिव डॉ इंदरमोहन रुस्तोगी और महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं कायार्लय के डीडी (ब्लाइंडन्स) डॉ. जगदीप सिंह बसुर शामिल हैं। यह कमेटी इंजेक्शन के लिए पहले-आओ-पहले-पाओ के आधार पर प्राप्त अनुरोध तथा इसके वितरण हेतु मानदंड तैयार करेगी।
बता दें कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने भी बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए चार सदस्यीय कमेटी गठित की है जो ब्लैक फंगस के इस्तेमाल में इलाज होने वाली इंजेक्शन एम्फोटेरिसिन-बी के वितरण पर निर्णय लेगी।
राजस्थान सरकार ने भी ब्लैक फंगस को घोषित किया महामारी
आपको बता दें कि राजस्थान सरकार ने भी बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया है। साथ ही आदेश जारी किया है कि इससे संबंधित नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में अब तक ब्लैक फंगस के 100 मरीज मिल चुके हैं। ये सभी मरीज कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। सभी मरीजों का इलाज सवाई मान सिंह अस्पताल में एक अलग वार्ड में किया जा रहा है। राज्य के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, राजस्थान महामारी अधिनियम 2020 के तहत म्यूकोर्मिकोसिस एक उल्लेखनीय बीमारी है। कोरोना वायरस के साथ-साथ ब्लैक फंगस के उपचार के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित किए गए हैं।
कोविड-19 संक्रमणों में वृद्धि के बीच म्यूकोर्मिकोसिस (ब्लैक फंगस) के 40 मरीजों को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि बुधवार को 16 अन्य मरीज मिले हैं।
Updated on:
19 May 2021 06:08 pm
Published on:
19 May 2021 05:54 pm
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