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अब जानवरों की कोख से पैदा होंगे इंसानी बच्चे, वैज्ञानिकों ने किया अजीबोगरीब प्रयोग

विज्ञान की दुनिया में हर रोज हो रहे नए-नए चमत्कार जानवर के गर्भ में इंसानी भ्रूण को किया जाएगा विकसित
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नई दिल्ली

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Mohit sharma

•

Updated: 14 Mar 2021, 4:02 PM IST

अब जानवरों की कोख से पैदा होंगे इंसानी बच्चे, वैज्ञानिकों ने किया अजीबोगरीब प्रयोग

अब जानवरों की कोख से पैदा होंगे इंसानी बच्चे, वैज्ञानिकों ने किया अजीबोगरीब प्रयोग

नई दिल्ली। पश्चिम देशों से शुरू हुआ किराए की कोख यानी सरोगेसी का चलन अब पूरी दुनिया में है। लेकिन अगर इंसान के बच्चे किसी जानवर की कोख से जन्म लें, ऐसा कभी आपने सपने में भी नहीं सोचा होगा। मगर आम आदमी की सोच के उलट अब वो दिन दूर नहीं इंसानी बच्चे किसी जानकवर की कोख से पैदा होंगे। जापान के वैज्ञानिक अब इस कल्पना को सच में बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

एक स्टेम-सेल वैज्ञानिक का खास शोध

दरअसल, जापान की सरकार ने वहां के एक स्टेम-सेल वैज्ञानिक को एक खास शोध के लिए सरकारी सहायता मुहैया कराने की शुरुआत की है। यह वैज्ञानिक उस फॉर्मूले पर काम कर रहा है, जिससे पशुओं के गर्भ में मानव-कोशिकाओं को विकसित किया जा सकेगा। इसका मतलब यह हुआ कि जानवर या पशु एक तरह से सरोगेट मदर की भूमिका निभाएंगे। आपको बता दें कि विज्ञान लगातार तरक्की कर रहा है। वैज्ञानिक हर रोज नए-नए और चमत्कारिक प्रयोग करने में जुटे हैं। मेडिकल साइंस ने कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण जैसी असंभव प्रक्रिया को संभव कर दिखाया है। इस क्रम में वैज्ञानिकों ने चार कदम आगे जाते हुए जानवरों की कोख में मानव शरीर को विकसित करने की परिकल्पना की है।

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जानवरों में इंसानी भ्रूण विकसित करने की अनुमति

जापान की यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यों में स्टेम सेल की अगुआई कर रहे हिरोमित्सू नकॉची नाम के वैज्ञानिक को अब सरकार ने जानवरों में इंसानी भ्रूण विकसित करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए उनको अब सरकार की ओर से आर्थिक मदद के अलावा अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। वैज्ञानिकों का पूरा प्लान पहले चूहों के एंब्रियो में मानव कोशिकाएं विकसित करना है। जिसको बाद उस एंब्रियो को किसी पशु के गर्भ में प्रत्यारोपित कर दिया जाएगा। यहां वैज्ञानिकों की योजना जानवरों की कोख से ऐसे बच्चे पैदा करना है, जिनके अंग और शरीर की बनावट बिल्कुल इंसान के जैसी हो। ताकि वो जरूरत पडऩे पर जरूरतमंद इंसानों में ट्रांसप्लांट किए जा सकें।

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पूरी योजना का ब्लू प्रिंट तैयार

जापान के इस वैज्ञानिक ने इस पूरी योजना का ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। योजना के अनुसार शुरुआती दौर में चूहे के गर्भाशय से मानव कोशिकाएं विकसित की जाएंगी। जिसके बाद उसको किसी सेरोगेट जानवर में ट्रांसप्लांट कर दिया जाएगा।