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धनतेरस पर मोहन सरकार का बड़ा तोहफा! ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का हक, मुरैना में बड़ा कार्यक्रम

Swamitva Yojana : धनतेरस पर 6 नवंबर को CM मोहन यादव मुरैना के ग्राम करुआ से मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के अभियान में शामिल होंगे। प्रदेश में अब तक 17.09 लाख रजिस्ट्रियां पूरी, 20 लाख का लक्ष्य।
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मुरैना

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 5 Nov 2026, 8:47 PM IST

Swamitva Yojana

कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम मोहन यादव (फोटो सोर्स: Mohan Yaav Facebook)

Morena News: धनतेरस के शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्तियों का वैधानिक मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रदेशभर में विशेष रजिस्ट्री अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 6 नवंबर को सूबे के मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम करुआ में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत आयोजित स्वामित्व दस्तावेजों के पंजीयन अभियान में शामिल होंगे। इस दौरान उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने धनतेरस पर प्रदेश के चयनित गांवों में विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है। इसके तहत पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के दौरान प्रदेश के अलग-अलग गांवों में मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहेंगे। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पात्र ग्रामीणों को उनकी संपत्तियों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज दिए जाएंगे।

15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का टारगेट

प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत अब तक 17 लाख 9 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां की जा चुकी हैं। राज्य सरकार ने 15 नवंबर तक इस आंकड़े को बढ़ाकर 20 लाख तक पहुंचाने का टारगेट सेट किया है। धनतेरस पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान को इसी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

संपत्ति के दस्तावेज से आसान होगा बैंक ऋण

मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत ग्रामीण आबादी के इलाकों में स्थित मकानों और अन्य संपत्तियों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद पात्र हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख और संपत्ति स्वामित्व से जुड़े वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल से ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिल सकेगा। साथ ही, संपत्ति के दस्तावेज होने से उन्हें बैंक से ऋण लेने और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने का भी मौका मिलेगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण संपत्तियों को वैधानिक पहचान देकर परिवारों को आर्थिक रूप से ज्यादा सक्षम बनाना है।