7 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एंटी-EC प्रदर्शन के लिए घर से निकले अभिजीत दिपके बोले- मां ऐसे रोईं, जैसे मैं युद्ध क्षेत्र में जा रहा हूं

Abhijeet Dipke: CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के लिए घर से निकलने के दौरान मां के भावुक होने का जिक्र किया। उन्होंने SIR के खिलाफ बेंगलुरु और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शनों की जानकारी देते हुए कहा कि परिवारों को अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डरना नहीं चाहिए।
2 min read
Google source verification

मुंबई

•

image

Imran Ansari

•

Oct 07, 2026

Abhijeet Dipke

एंटी-EC प्रदर्शन के लिए घर से निकले अभिजीत दिपके बोले, फोटो सोर्स- ANI

Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और बेंगलुरु में होने वाले प्रदर्शनों के लिए घर से निकलते समय उनकी मां रो पड़ीं। दीपके ने कहा कि उनकी मां का डर उन परिवारों की चिंता को दिखाता है, जिनके सदस्य अपनी आवाज उठाने और विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।

SIR को लेकर बेंगलुरु में कार्यक्रम

अभिजीत दीपके ने बताया कि वह बेंगलुरु के लिए रवाना हुए हैं, जहां वह मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर आयोजित People’s Tribunal में शामिल होंगे। इस दौरान वह स्थानीय लोगों से भी बातचीत करेंगे। इन लोगों का दावा है कि उनके नाम कथित तौर पर गलत तरीके से मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। दीपके के मुताबिक, गुरुवार सुबह बेंगलुरु के Freedom Park में ‘चप्पल प्रदर्शन’ किया जाएगा। इसके बाद 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करने का कार्यक्रम है।

‘मां ऐसे रोईं, जैसे मैं युद्ध क्षेत्र में जा रहा हूं’

CJP संस्थापक ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनकी मां को पता था कि वह बेंगलुरु से दिल्ली जाएंगे और उनकी आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा कि आज जब मैं घर से निकला तो मां ऐसे रोईं, जैसे मैं किसी युद्ध क्षेत्र में जा रहा हूं। दीपके ने बताया कि उन्होंने अपनी मां को भरोसा दिलाया कि सब कुछ ठीक होगा, लेकिन उन्हें खुद नहीं पता कि आने वाले दिनों में क्या होने वाला है। उन्होंने कहा कि वह अपनी मां की आंखों में डर देखकर थक चुके हैं और उन्हें लगातार यह भरोसा दिलाते हुए भी थकान महसूस होती है कि सब ठीक होगा, जबकि उन्हें खुद आने वाले दिनों को लेकर पूरी जानकारी नहीं है।

‘पिता भी चुप थे’

दीपके ने कहा कि जब वह घर से निकले तो उनके पिता भी शांत थे। उन्हें ऐसा लगा कि उनके पिता चाहते हैं कि परिवार तीन महीने पहले वाली जिंदगी में वापस लौट जाए। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों के परिवारों की चिंता का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार आने वाली चिंतित फोन कॉल और यह पूछने वाले संदेश कि आप कहां हैं, इस डर को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, परिवार अक्सर अपनी चिंता छिपाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि उनके लिए यह मुद्दा कितना महत्वपूर्ण है।

‘प्रदर्शन में शामिल लोग अकेले नहीं हैं’

अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से कहा कि वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस लड़ाई में एक साथ हैं। उन्होंने आगे कहा कि बड़ा उद्देश्य ऐसा भारत बनाना होना चाहिए, जहां युवा अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर उतर सकें और उनके माता-पिता को उनकी सुरक्षा को लेकर डरना न पड़े। दिपके ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जब उनके बच्चे अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरें तो उन्हें अपने माता-पिता की तरह उनकी जिंदगी को लेकर डर का सामना न करना पड़े।

बड़ी खबरें

View All

मुंबई

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग