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BJP Vs Shiv Sena: हार के बाद महायुति में घमासान, बीजेपी ने शिंदे पर लगाए गंभीर आरोप; एक सीट के लिए गंवाईं 3 सीटें!

BJP Vs Shiv Sena: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में पांच में से तीन सीटों पर हार के बाद महायुति में विवाद बढ़ गया है। बीजेपी नेता नवनाथ बन ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि एक सीट के लिए तीन सीटों पर नुकसान उठाना पड़ा।
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मुंबई

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Imran Ansari

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Updated: 29 Oct 2026, 12:38 PM IST

BJP Vs Shiv Sena

हार के बाद बीजेपी ने शिंदे पर लगाए गंभीर आरोप, फोटो सोर्स- ANI

Navnath Ban Statement: महाराष्ट्र में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव नतीजों के बाद सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में विवाद शुरू हो गया है। पांच सीटों में से तीन पर हार मिलने के बाद बीजेपी ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा कि अगर शिवसेना ने गठबंधन धर्म निभाते हुए बीजेपी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का साथ दिया होता, तो महायुति सभी पांच सीटें जीत सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे में एक सीट के लिए शिवसेना की अलग रणनीति ने गठबंधन को तीन सीटों पर नुकसान पहुंचाया।

बीजेपी ने शिंदे की शिवसेना को ठहराया जिम्मेदार

नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि पुणे और नागपुर में शिवसेना ने महायुति के उम्मीदवारों को अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। उनके मुताबिक, पुणे में शिवसेना ने आखिरी समय में निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को समर्थन दिया, जिससे गठबंधन की एकजुटता प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि सानप को मिले वोट बीजेपी के उम्मीदवार को नहीं मिले। बन ने छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना नेता अब्दुल सत्तार की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के खिलाफ प्रचार किया, जिसका असर महायुति के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि एक सीट के लिए सहयोगी दलों को नुकसान पहुंचाने की रणनीति गठबंधन के हित में नहीं है। हालांकि, ये आरोप बीजेपी नेता की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें गठबंधन के दूसरे पक्ष का बयान समझना उचित नहीं होगा।

पुणे स्नातक सीट पर बीजेपी को झटका

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महाविकास आघाड़ी की उम्मीदवार हर्षदा जाधव-देशमुख ने जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह इस निर्वाचन क्षेत्र से पहली महिला विधान परिषद सदस्य बनने जा रही हैं। बीजेपी के लिए यह नतीजा बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने चुनाव में पूरी ताकत लगाई थी।

मराठवाड़ा में शरद पवार गुट की जीत

औरंगाबाद-मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार डॉ. प्रतापसिंह पाटील ने जीत हासिल की। उन्होंने महायुति के उम्मीदवार सतीश चव्हाण को बड़े अंतर से हराया। मतगणना की शुरुआत से ही पाटील बढ़त बनाए हुए थे और अंत में उन्होंने अपनी जीत सुनिश्चित कर ली। इस नतीजे ने मराठवाड़ा में महायुति की चुनावी रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर एनसीपी के दोनों गुटों के बीच राजनीतिक मुकाबले के लिहाज से यह सीट महत्वपूर्ण रही।

पुणे शिक्षक सीट पर बीजेपी का कब्जा

पुणे विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के कौस्तुभ गावडे ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 23,117 वोट मिले, जबकि शिवसेना समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार प्रोफेसर सचिन सानप को 16,347 वोट मिले। पूर्व विधायक दत्तात्रय सावंत 12,687 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के मौजूदा विधायक प्रोफेसर जयंत आसगांवकर को 8,965 वोट मिले। इस सीट पर जीत से बीजेपी को राहत जरूर मिली, लेकिन अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मिली हार ने गठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दीं।

नागपुर में कांग्रेस ने बीजेपी को हराया

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को हराकर जीत हासिल की। चुनाव की शुरुआत में पहली वरीयता के वोटों में बीजेपी उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन बाद की मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार ने अंतर कम किया और अंततः जीत दर्ज की। इस परिणाम से नागपुर में बीजेपी को झटका लगा, जहां पार्टी की मजबूत राजनीतिक मौजूदगी मानी जाती है।

अमरावती शिक्षक सीट पर शिंदे गुट की जीत

अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के किरण सरनाईक ने कांग्रेस की प्रोफेसर अदिति पोहरे को हराया। सरनाईक ने अंतिम दौर में जीत के लिए जरूरी 16,134 वोटों का कोटा पार करते हुए 16,663 वोट हासिल किए। कांग्रेस उम्मीदवार अदिति पोहरे को 7,498 वोट मिले, जबकि शिवसेना के बागी श्रीकांत देशपांडे को 7,017 वोट प्राप्त हुए। इस चुनाव में कुल 26 उम्मीदवार मैदान में थे और मतगणना करीब 36 घंटे तक चली।

नतीजों के बाद महायुति में बढ़ सकती है खींचतान

पांच में से तीन सीटों पर हार के बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। बीजेपी नेता नवनाथ बन ने जहां सहयोगी दल पर गठबंधन धर्म नहीं निभाने का आरोप लगाया है, वहीं चुनावी नतीजों ने महायुति के भीतर तालमेल पर बहस छेड़ दी है।