
साहिल वाकोडे के माता-पिता करेंगे भूख हड़ताल (Photo: IANS)
Sahil Wakode Case IIT Powai: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के 22 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में एक सनसनीखेज मोड़ आ गया है। बुधवार सुबह आईआईटी बॉम्बे के पवई कैंपस परिसर में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भूख हड़ताल करने जा रहे साहिल के माता-पिता को शहर से दूर ले जाने का आरोप लगा है। साहिल के माता-पिता का दावा है कि तड़के उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ एक निजी कार से मुंबई से बाहर ले जाया गया और करीब 555 किमी दूर वाशिम जिले के करंजा लाड इलाके में छोड़ दिया गया।
साहिल के माता-पिता का कहना है कि वे बुधवार सुबह पवई स्थित IIT बॉम्बे परिसर में अनशन शुरू करने वाले थे। उनकी मांग है कि साहिल की मौत के मामले में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला और संस्थान के निदेशक शिरीष केदारे को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
परिवार ने मंगलवार को बांद्रा स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत की थी। बयान दर्ज कराने के बाद उन्हें अपने वकील के साथ देखा गया था। परिजनों का कहना था कि उन्होंने बुधवार सुबह से आईआईटी पवई कैंपस के बाहर शांतिपूर्ण भूख हड़ताल करने की अनुमति भी ले ली थी।
साहिल के माता-पिता और उनके वकील ने मंगलवार को बांद्रा स्थित क्राइम ब्रांच दफ्तर के बाहर मीडिया से बातचीत में अपना बयान दर्ज कराने की जानकारी दी थी। परिजनों ने अपने बेटे के साथ हुए कथित जातिगत उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच और एफआईआर में नामजद प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला व IIT बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
परिवार के साथ मौजूद व्यक्ति के अनुसार, जैसे ही परिजन आईआईटी बॉम्बे कैंपस से बाहर निकले, सादे कपड़ों में आए कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें दूसरी गाड़ी में चलने के लिए कहा। उस निजी कार के पीछे एक पुलिस की गाड़ी भी चल रही थी। लेकिन समृद्धि महामार्ग पर पहुंचने के बाद वह अचानक गायब हो गई।
इसी बीच सोशल मीडिया पर परिवार का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में परिवार के सदस्य कथित तौर पर बार-बार ड्राइवर से पूछते दिखाई दे रहे हैं कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि ड्राइवर हर बार यही कह रहा था कि वह उन्हें घर ले जा रहा है।
परिवार ने बताया कि उस समय वे काफी थके हुए और नींद में थे। साहिल के पिता का आरोप है कि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि वे घर वापस नहीं जाना चाहते। वे मुंबई में रहकर अपने बेटे की मौत के मामले में विरोध प्रदर्शन जारी रखना चाहते थे।
परिवार के मुताबिक, बाद में उन्होंने ड्राइवर से गाड़ी रोकने को कहा, ताकि वे वॉशरूम का इस्तेमाल कर सकें। इसके बाद वे वाहन से बाहर निकल गए। बुधवार सुबह तक वे वाशिम जिले के करंजा लाड इलाके में पहुंच चुके थे। परिवार का कहना है कि वे अब मुंबई वापस लौट रहे हैं और आईआईटी परिसर के बाहर अनशन करेंगे।
पुलिस के अनुसार, बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे को 18 सितंबर की शाम IIT बॉम्बे परिसर में मौजूद हॉस्टल के उनके कमरे में मृत पाया गया था। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद हुई। आरोप है कि वह परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी का इस्तेमाल नकल के लिए कर रहा था। प्रोफेसर डुल्ला ने ही साहिल को पकड़ा था, उस समय वह परीक्षा पर्यवेक्षक थे।
जबकि साहिल के माता-पिता ने संस्थान में बेटे के साथ जातिगत उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर डुल्ला के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
इस बीच, मुंबई से वाशिम ले जाए जाने के परिवार के आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, परिवार द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर फिलहाल पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
Updated on:
24 Sept 2026 11:54 am
Published on:
24 Sept 2026 10:27 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
