
केतन अग्रवाल और सिया गोयल (Photo: X/@venom1s)
Siya Goyal Chetan Chaudhary: पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में लोनावला स्थित लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) की घाटी में उस दिन क्या हुआ था, इसके राज अब खुल चुके हैं। पुलिस जांच में एक प्रत्यक्षदर्शी का चौंकाने वाला बयान और लगभग 12 टेराबाइट (TB) का भारी-भरकम डिजिटल डेटा इस मामले में सबसे बड़ा और अहम सुराग बना है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में पांच हजार से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जिसमें प्रत्यक्षदर्शी के बयान ने जहां वारदात का खौफनाक सच बयां किया है, वहीं डिजिटल साक्ष्यों ने साबित कर दिया है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि बेहद सोच-समझकर रची गई साजिश थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि उसने 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को खाईं में धकेले जाते हुए देखा था। इतना ही नहीं, घटना के बाद जब उसने इस बारे में सवाल किया तो उसे कथित तौर पर धमकी भी दी गई। प्रत्यक्षदर्शी का दावा है कि उसे कहा गया, “चुप रहो, नहीं तो तुम्हें भी किले से इसी तरह फेंक दूंगा।”
जांच के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी ने 23 जून को पुलिस को अपना बयान दिया। उसने बताया कि किले पर चढ़ाई के दौरान उसने केतन और सिया को साथ देखा था। उनके पीछे चेतन भी आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, उस समय गर्मी होने के बावजूद चेतन ने हुडी पहन रखी थी।
इसी वजह से प्रत्यक्षदर्शी ने चेतन से पूछा था कि इतनी गर्मी में वह हुडी क्यों पहने हुए है। बताया जा रहा है कि इसी बातचीत के कारण चेतन का चेहरा प्रत्यक्षदर्शी को याद रह गया।
इसके बाद प्रत्यक्षदर्शी कुछ समय के लिए अपने दोस्तों से अलग हो गया। आगे जाने के बाद उसकी नजर फिर सिया पर पड़ी। पुलिस को दिए कथित बयान के अनुसार, सिया ने हाथ के इशारे से चेतन की तरफ संकेत किया और इसके बाद वह नीचे बैठ गई।
प्रत्यक्षदर्शी का दावा है कि सिया ने केतन के पैर पर लात मारी और उसी दौरान चेतन पीछे से दौड़कर आया। चेतन ने केतन को किले से खाईं की तरफ धक्का दे दिया, जिसके बाद वह नीचे गिर गया।
प्रत्यक्षदर्शी ने पुलिस को बताया कि घटना देखने के बाद उसने चेतन से इस बारे में सवाल किया था। आरोप है कि इस पर उसे धमकी दी गई कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे भी किले से नीचे फेंक दिया जाएगा।
कथित धमकी के बाद प्रत्यक्षदर्शी इतना डर गया कि उसने घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। घर लौटने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई और वह कुछ दिनों तक घर पर रहा।
बाद में जब इस घटना की जानकारी मीडिया के माध्यम से सामने आने लगी तो उसने पुलिस से संपर्क किया और कथित तौर पर पूरा घटनाक्रम बताया।
केतन अग्रवाल मामले की जांच में पुलिस को बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा मिलने की बात सामने आई है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, करीब 12 टीबी डेटा की फॉरेंसिक जांच की गई है। इसमें छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप डेटा, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियां और कथित तौर पर डिलीट की गई चैट शामिल हैं।
जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर डिलीट किए गए कुछ डिजिटल डेटा को भी दोबारा हासिल किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान इंटरनेट पर इस तरह की जानकारी खोजे जाने के संकेत मिले कि आईफोन का डेटा स्थायी रूप से कैसे डिलीट किया जाए, चैट हिस्ट्री कैसे हटाई जाए और डिलीट किए गए डेटा को दोबारा रिकवर होने से कैसे रोका जाए।
इसके अलावा इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, स्नैपचैट और चैटजीपीटी समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हुई गतिविधियों की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह जानकारी भी सामने आने का दावा किया जा रहा है कि सिया ने घर में छिपाकर रखा गया एक दूसरा मोबाइल फोन कथित तौर पर तोड़ दिया था। पुलिस इस मोबाइल और उससे जुड़े डेटा को भी जांच के दायरे में लेकर पूरे मामले की डिजिटल कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। फिलहाल प्रत्यक्षदर्शी के बयान और डिजिटल डेटा की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग पुलिस को मिले है।
Updated on:
28 Sept 2026 01:16 pm
Published on:
28 Sept 2026 12:54 pm
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