
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)
Nagpur Graduate Constituency: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की पांच सीटों के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा (BJP) ने नागपुर स्नातक, पुणे स्नातक और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। लेकिन नागपुर स्नातक सीट पर टिकट को लेकर भाजपा के भीतर ही बड़ी बगावत हो गई है। पार्टी के पूर्व विधायक और पूर्व विधान परिषद सदस्य अनिल सोले ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने का ऐलान किया है।
भाजपा ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम की घोषणा के बाद अनिल सोले ने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि वे कार्यकर्ताओं के कहने पर ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सोले आज दोपहर में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि सुधाकर कोहले और अनिल सोले दोनों ही भाजपा से इस सीट के लिए दावेदार थे। सोले की ओर से चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गई थी और सोशल मीडिया पर उनका चुनाव प्रचार भी जोर-शोर से चल रहा था।
इससे पहले 2020 के चुनाव में भी सोले टिकट के दावेदार थे, लेकिन भाजपा ने संदीप जोशी को उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में कांग्रेस के अभिजित वंजारी ने संदीप जोशी को हराया था।
अनिल सोले को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के करीबी नेताओं में गिना जाता है। वह नागपुर के मेयर भी रह चुके हैं और 2014 से 2020 तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा ने सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजित वंजारी को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। वंजारी ने 2020 के चुनाव में भाजपा के संदीप जोशी को हराकर यह सीट जीती थी।
अब अनिल सोले के निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरने की घोषणा के बाद नागपुर सीट पर मुकाबले का समीकरण और अधिक बहुकोणीय हो सकता है। हालांकि, अंतिम तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
भाजपा ने महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। नागपुर स्नातक से सुधाकर कोहले, पुणे स्नातक से डॉ. स्मिता जाधव और पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कौस्तुभ गावड़े को उम्मीदवार बनाया गया है।
पुणे स्नातक सीट को लेकर सत्तारूढ़ महायुति के भीतर भी मतभेद सामने आए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता सुनील टिंगरे ने दावा किया है कि यह सीट एनसीपी (सुनेत्रा पवार) की है और पार्टी को ही यहां से चुनाव लड़ना चाहिए। दूसरी ओर, प्रताप उर्फ भैय्या माने के निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की बात भी सामने आई है। इस तरह नागपुर के साथ पुणे में भी महायुति के भीतर सीट को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ हैं।
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर यह चुनाव हो रहा है। इनमें तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर हैं, जबकि दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पुणे और अमरावती हैं। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर 2026 है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान इसी महीने 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।
Updated on:
05 Oct 2026 08:52 am
Published on:
05 Oct 2026 08:50 am
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