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पुणे शिक्षक सीट बनी महायुति में कलह की वजह, कांग्रेस ने कसा तंज- शिंदे-फडणवीस में चल रहा कोल्ड वॉर!

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर महायुति में मतभेद सामने आए हैं। भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना दोनों ने ही अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस पर कांग्रेस ने तंज कसा है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

•

Oct 07, 2026

Pune MLC Election 2026

सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे (Photo: IANS/FB)

Maharashtra MLC Election 2026: महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महायुति में मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर है, जहां भाजपा (BJP) के उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतार दिया है। शिवसेना ने एकनाथ शिंदे के ओएसडी रह चुके मंगेश चिवटे को चुनाव मैदान में उतार दिया है। ऐसे में पुणे शिक्षक सीट पर महायुति के ही दो घटक दल आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।

भाजपा के बाद शिंदे सेना ने भी दाखिल किया नामांकन

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने कौस्तुभ गावड़े को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद शिंदे सेना ने मंगेश चिवटे को प्रत्याशी बनाकर नामांकन करवा दिया। वरिष्ठ नेता व मंत्री उदय सामंत की मौजूदगी में चिवटे ने अपना नामांकन दाखिल किया।

मंगेश चिवटे को मैदान में उतारे जाने के बाद पुणे की यह सीट महायुति के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा बन गई है। दोनों दलों के उम्मीदवार मैदान में होने से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

पुणे सीट बनी प्रतिष्ठा की लड़ाई?

शिंदे सेना के उम्मीदवार के नामांकन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि एकनाथ शिंदे ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र को प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। हालांकि, अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं हुई है, क्योंकि उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है।

इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी संकेत दिया है कि दोनों दलों के बीच बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि पुणे सीट को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई, इसलिए दोनों ने नामांकन दाखिल किया है और बातचीत जारी रखने का फैसला किया गया है।

फडणवीस के मुताबिक, इस मुद्दे पर आगे भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा होगी। ऐसे में अब निगाहें 9 अक्टूबर पर टिकी हैं कि भाजपा और शिवसेना में से कौन अपना उम्मीदवार मैदान से हटाता है।

कांग्रेस का महायुति पर हमला

पुणे शिक्षक चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी सत्तारूढ़ महायुति पर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच ‘कोल्ड वॉर’ चल रहा है।

महायुति के दोनों प्रमुख दलों के बीच पुणे सीट को लेकर चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस के इस बयान ने सियासी चर्चा को और तेज कर दिया है।

पांच सीटों पर हो रहा विधान परिषद चुनाव

महाराष्ट्र विधान परिषद की कुल पांच सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। इनमें नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र तथा पुणे और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।

चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है। 6 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख थी। आज (7 अक्टूबर) नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं।

इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी।

9 अक्टूबर को साफ होगी पुणे की तस्वीर

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में फिलहाल भाजपा और शिंदे सेना के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। हालांकि, दोनों दलों के बीच बातचीत अभी जारी रहने के संकेत हैं। इसलिए 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मुकाबला महायुति के भीतर दो उम्मीदवारों के बीच रहता है या कोई एक उम्मीदवार पीछे हटता है।

फिलहाल पुणे शिक्षक सीट पर सबकी नजरें इस बात पर हैं कि भाजपा अपना उम्मीदवार वापस लेगी या शिंदे सेना पीछे हटेगी।

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