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महाराष्ट्र: सरकारी स्कूलों और हॉस्टलों की बदहाली पर भड़के सीएम फडणवीस, अधिकारियों को लगाई कड़ी फटकार

Maharashtra Schools: महाराष्ट्र में सरकारी स्कूलों और छात्रावासों की बदहाल स्थिति पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द बुनियादी सुविधाएं सुधारने का निर्देश दिया।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

•

Oct 07, 2026

CM Fadnavis furious over dilapidated state of schools hostels

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS)

Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों और आदिवासी व पिछड़े वर्ग के छात्रावासों (हॉस्टलों) की खस्ताहाल स्थिति को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कड़ा रुख देखने को मिला है। मंगलवार को बुनियादी सुविधाओं को लेकर हुई समीक्षा बैठक में जब हॉस्टलों की बदहाली की तस्वीर सामने आई, तो मुख्यमंत्री अधिकारियों पर बुरी तरह बिफर पड़े।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम फडणवीस ने बैठक में मौजूद अधिकारियों से तल्ख लहजे में सवाल किया कि अगर स्कूलों और हॉस्टलों की ऐसी खराब स्थिति होगी, तो आंदोलन नहीं तो और क्या होंगे?

तीन विभाग एक्शन मोड में

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद सामाजिक न्याय विभाग, आदिवासी विकास विभाग और बहुजन कल्याण विभाग ने मिलकर इस दिशा में कदम उठाने का फैसला किया है। जिसके बाद अब सरकारी स्कूलों और छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाये जाएंगे।

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) के नेतृत्व में ग्रामीण और सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए अभियानों के बाद राज्य सरकार ने पहली बार अपनी इन्फ्रास्ट्रक्चर समीक्षा बैठक में बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ स्कूलों और हॉस्टलों की स्थिति की भी समीक्षा की।

बदहाल हालत देखकर भड़के CM फडणवीस

बैठक के दौरान जहां कई विभागों ने सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने की कोशिश की, वहीं कौशल विकास विभाग के अधिकारियों ने जमीनी हकीकत पेश की। उन्होंने प्रेजेंटेशन में जर्जर हो चुकीं शिक्षण संस्थानों की इमारतों और परिसर की गंदगी के तस्वीरें पेश कर हकीकत बयां कर दी।

तस्वीरें देखते ही मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि इन परिस्थितियों को बिना किसी देरी के तुरंत सुधारा जाए।

क्या आने वाले महीनों में बदलेगी तस्वीर?

मुख्यमंत्री के कड़े तेवरों के बाद सामाजिक न्याय विभाग, आदिवासी विभाग और बहुजन कल्याण विभाग हरकत में आ गए। कैबिनेट की बैठक में यह तय किया गया कि जिला योजना विकास समिति (DPDC) के फंड में तुरंत प्रावधान करके इन हॉस्टलों और स्कूलों की मरम्मत व सुविधाओं के लिए बजट आवंटित किया जाए।

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