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पुणे: इंजीनियर पायल की मौत की जांच तेज, घर से 35 तोला सोना और CCTV फुटेज जब्त, ननद अभी भी फरार

Pune IT Engineer Payal Pawar Death Case: पुणे के पायल झांबरे दहेज प्रताड़ना मामले में पुलिस ने आरोपियों के घर से 35 तोला सोना बरामद कर लिया है, लेकिन शिकायत के अनुसार कुल 50 तोला दिया गया था। पुलिस को अंदेशा है कि 15 तोला सोना फरार चल रही पायल की ननद के पास हो सकता है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 8 Nov 2026, 11:13 AM IST

Pune IT Engineer Death

मृतका पायल पवार झांबरे और उनके रोते हुए पिता (Photo: X/@newsdotz)

Pune Dowry Harassment Case: महाराष्ट्र के पुणे स्थित मुकुंदनगर इलाके में रहने वाली आईटी इंजीनियर पायल झांबरे की मौत मामले में नया मोड़ आया है। आरोप है कि दहेज के लिए विवाहिता पायल का उसके ससुराल वाले कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करते थे। पुलिस ने जांच के दौरान झांबरे परिवार के घर से 35 तोला सोना, चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, मृतका पायल का मोबाइल और घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज जब्त किया गया है। हालांकि, मामले में 15 तोला सोना अभी भी बरामद नहीं हुआ है। इस बीच, अदालत ने मृतका के पति, सास और ससुर की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी है। जबकि पायल की ननद अक्षता झांबरे अभी भी फरार बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पति अक्षय अरविंद झांबरे (35), ससुर अरविंद वसंतराव झांबरे (68) और सास मंगल अरविंद झांबरे (58) को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया था। बताया जाता है कि झांबरे परिवार का रियल एस्टेट और डिजाइनिंग से जुड़ा बड़ा कारोबार है।

घर से 35 तोला सोना और तीन मोबाइल फोन जब्त

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से 35 तोला सोना, चांदी के आभूषण और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा मृतका पायल का मोबाइल फोन और घटनास्थल से संबंधित CCTV फुटेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।

हालांकि, मामले में अभी 15 तोला सोना बरामद करना बाकी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह सोना फरार आरोपी अक्षता झांबरे उर्फ निमन को दिया गया हो सकता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि पायल के माता-पिता की ओर से दिए गए सोने और पैसों का इस्तेमाल आरोपियों ने कोई संपत्ति खरीदने में तो नहीं किया था।

सास के मोबाइल से की जाती थी पैसों और गहनों की मांग

अदालत में सरकारी पक्ष ने बताया कि शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पायल से समय-समय पर पैसों और सोने के गहनों की मांग की थी। आरोप है कि ये मांगें सास मंगल झांबरे के मोबाइल फोन के जरिए की जाती थीं।

पुलिस को अभी मंगल झांबरे का मोबाइल फोन भी जब्त करना है। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जब्त किए गए मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण कर उनमें मौजूद बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और संदेशों की जांच की जानी है। इससे कथित दहेज मांग और उत्पीड़न से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिलने की उम्मीद है।

पोस्टमार्टम के बाद विसरा और अन्य नमूने जांच के लिए भेजे

पायल के शव का पोस्टमार्टम पुणे के ससून अस्पताल में किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा, रस्सी और अन्य नमूनों को रासायनिक विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता चल सकता है।

इसके अलावा पुलिस घटनास्थल के CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद का घटनाक्रम स्पष्ट हो सके। फरार आरोपी अक्षता झांबरे उर्फ निमन को गिरफ्तार करना भी पुलिस के लिए बाकी है।

अदालत ने दो दिन बढ़ाई पुलिस हिरासत

सरकारी पक्ष और शिकायतकर्ता के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि मामले में 15 तोला सोना बरामद करना, सास का मोबाइल फोन जब्त करना, फरार आरोपी की तलाश करना और जब्त किए गए डिजिटल सबूतों का विश्लेषण करना अभी बाकी है। जांच को आगे बढ़ाने और आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत बढ़ाना जरूरी है।

इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने पति अक्षय झांबरे, सास मंगल झांबरे और ससुर अरविंद झांबरे की पुलिस हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ मामले से जुड़े आर्थिक और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है।