राज ठाकरे ने कहा कि जब चुनाव में बीजेपी समर्थित पैनल को बहुमत नहीं मिला तो सरकार ने अपने स्तर पर निदेशकों की नियुक्ति कर दी। उनके मुताबिक, अगर बीजेपी लोकतंत्र में विश्वास रखती है तो उसे चुनाव के नतीजों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने इस फैसले को बीजेपी के लोकतंत्र बचाने के दावों से जोड़ते हुए सवाल किया कि आखिर पार्टी का यह कैसा रवैया है?