
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Photo: IANS)
Ramdas Athawale: केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने महाराष्ट्र सरकार में अपनी पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सत्ता में भागीदारी के बावजूद आरपीआई को अभी तक विधान परिषद (MLC) में कोई सीट नहीं मिली है और विधानसभा में भी पार्टी को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।
आठवले ने मांग की है कि आने वाले समय में गठित होने वाले महामंडलों में कम से कम दो चेयरमैन पद पर उनकी पार्टी आरपीआई को दिए जाएं। इसके साथ ही राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच विधान परिषद सदस्य (MLC) नियुक्तियों में से कम से कम एक सीट पार्टी को देने की मांग भी उन्होंने की है।
नवी मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र की सत्ता में आरपीआई को जितनी भागीदारी मिलनी चाहिए, उतनी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को न तो कोई MLC पद मिला है और न ही विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिला है। आठवले ने कहा कि महायुति सरकार में आरपीआई की राजनीतिक हिस्सेदारी को ध्यान में रखते हुए पार्टी को विभिन्न पदों पर उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।
रामदास आठवले ने कहा कि आने वाले समय में जिन महामंडलों का गठन किया जाएगा, उनमें से कम से कम दो महामंडलों के अध्यक्ष या चेयरमैन पद आरपीआई को दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सरकार और प्रशासन में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
आठवले ने राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच आरपीआई नियुक्तियों में से कम से कम एक सीट आरपीआई को देने की मांग रखी है। उनका कहना है कि पार्टी को विधान परिषद में भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने जिला, तालुका और राज्य स्तर पर बनने वाली विभिन्न समितियों में भी RPI कार्यकर्ताओं को उचित जगह देने की मांग की।
आरपीआई अध्यक्ष ने कहा कि आने वाली विभिन्न समितियों में पार्टी के कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से जिला, तालुका और राज्य स्तर की समितियों में RPI को उचित हिस्सेदारी देने की मांग की।
आठवले की इन मांगों के बाद महाराष्ट्र सरकार और महायुति में आरपीआई की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार और महायुति के मुख्य घटक दल भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे) और एनसीपी (सुनेत्रा पवार) इन मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं।
Updated on:
04 Oct 2026 03:11 pm
Published on:
04 Oct 2026 12:27 pm
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