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महाराष्ट्र: भाजपा गठबंधन से RPI नाराज, रामदास आठवले ने रखी दो महामंडल और एक MLC पद की मांग

Maharashtra Politics: केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भाजपा नीत महाराष्ट्र सरकार में उनकी पार्टी RPI को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। उन्होंने दो महामंडलों के चेयरमैन पद और राज्यपाल कोटे से एक महाराष्ट्र विधान परिषद सीट देने की मांग रखी।
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मुंबई

•

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Dinesh Dubey

•

Oct 04, 2026

Ramdas Athawale

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (Photo: IANS)

Ramdas Athawale: केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने महाराष्ट्र सरकार में अपनी पार्टी को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि सत्ता में भागीदारी के बावजूद RPI को अभी तक विधान परिषद में कोई सीट नहीं मिली है और विधानसभा में भी पार्टी को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

आठवले ने मांग की है कि आने वाले समय में गठित होने वाले महामंडलों में कम से कम दो चेयरमैन पद RPI को दिए जाएं। इसके साथ ही राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच विधान परिषद सदस्य (MLC) नियुक्तियों में से कम से कम एक सीट पार्टी को देने की मांग भी उन्होंने की है।

'RPI को महाराष्ट्र की सत्ता में उचित भागीदारी नहीं मिल रही'

नवी मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदास आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र की सत्ता में RPI को जितनी भागीदारी मिलनी चाहिए, उतनी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी को न तो कोई MLC पद मिला है और न ही विधानसभा में प्रतिनिधित्व मिला है। आठवले ने कहा कि महायुति सरकार में RPI की राजनीतिक हिस्सेदारी को ध्यान में रखते हुए पार्टी को विभिन्न पदों पर उचित प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।

दो महामंडलों के चेयरमैन पद की मांग

रामदास आठवले ने कहा कि आने वाले समय में जिन महामंडलों का गठन किया जाएगा, उनमें से कम से कम दो महामंडलों के अध्यक्ष या चेयरमैन पद RPI को दिए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी सरकार और प्रशासन में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

राज्यपाल कोटे से एक MLC सीट मांगी

आठवले ने राज्यपाल कोटे से होने वाली पांच MLC नियुक्तियों में से कम से कम एक सीट RPI को देने की मांग रखी है। उनका कहना है कि पार्टी को विधान परिषद में भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने जिला, तालुका और राज्य स्तर पर बनने वाली विभिन्न समितियों में भी RPI कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की।

जिला से राज्य स्तर तक समितियों में भागीदारी की मांग

RPI अध्यक्ष ने कहा कि आने वाली विभिन्न समितियों में पार्टी के कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से जिला, तालुका और राज्य स्तर की समितियों में RPI को उचित हिस्सेदारी देने की मांग की।

आठवले की इन मांगों के बाद महाराष्ट्र सरकार और महायुति में RPI की राजनीतिक भागीदारी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि सरकार और महायुति के घटक दल इन मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं।