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Video: जेएलएन में बिगड़ रही चिकित्सकों की तबीयत, पीएमओ की कुर्सी का मोहभंग

चिकित्सा विभाग की अनदेखी पड़ रही मरीजों पर भारी, सीएम के आदेश भी बेअसर, चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया के पास नागौर का चार्ज
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नागौर

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Shyam Lal Choudhary

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Updated: 15 May 2018, 11:47 AM IST

prasuta died in jln nagaur

Nagaur JLN Hospital

नागौर. जिला मुख्यालय के जेएलएन राजकीय अस्पताल में इन दिनों व्यवस्थाएं खुद बीमार हैं, यहां आने से पहले चिकित्सकों की तबीयत बिगड़ रही है। डॉ. अपूर्व कौशिक ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति क्या ली, कोई पीएमओ का चार्ज लेने को तैयार नहीं है। अस्पताल में आने वाले मरीज डॉक्टरों के इंतजार में घंटों परेशान होकर निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। यह स्थिति तब है जब प्रदेश के चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया के पास नागौर का चार्ज है। हालांकि वे शुरू से ही असहाय दिख रहे हैं, इसलिए जेएलएन अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर उन्हें दोष नहीं दिया जा सकता, क्योंकि गत दिनों नागौर दौरे पर आई मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आदेश के पर लगाए गए सर्जन की भी नागौर का नाम लेकर तबीयत खराब हो गई। किशनगढ़ से नागौर लगाए गए सर्जन ने तबीयत खराब होने का कहकर 10 दिन का अवकाश ले लिया है। रही-सही कसर छुट्टी पर चल रहे चिकित्सक पूरी कर रहे हैं।

कौन पीएमओ, कौन छुट्टी पर, किसी को पता नहीं
जेएलएन अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर पत्रिका टीम ने सोमवार को कैमरे की दृष्टि डाली तो स्थिति काफी चिंताजनक मिली। जेएलएन अस्पताल ड्यूटी बोर्ड में रविवार की तारीख 13 मई लिखी हुई थी, पीएमओ के बारे में पूछने पर कर्मचारी बोले कि उन्हें ही पता नहीं है। यह बात भी सामने आई कि जब से डॉ. अपूर्व कौशिक सेवानिवृत्त हुए हैं, कोई भी सीनियर डॉक्टर पीएमओ का चार्ज लेने को तैयार नहीं है। जिसके कारण अस्पताल की व्यवस्था बेपटरी है।

एमसीएच यूनिट में इंतजार करते रह गए मरीज
जेएलएन की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) यूनिट में यूं तो करीब 10 डॉक्टर हैं, जिसमें चार शिशु रोग विशेषज्ञ हैं और छह गायनिक हैं, लेकिन सोमवार को आउटडोर में एक भी चिकित्सक नहीं दिखा। मरीजों ने नर्सिंगकर्मियों से पूछा तो उन्हें एक ही जवाब मिला कि डॉक्टर ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में है, जबकि वहां केवल एक डॉक्टर था। बाद में सूत्रों से जानकारी मिली कि ज्यादातर डॉक्टर अवकाश पर हैं। मेड़ता से आई संतोष ने बताया कि वह सुबह 8 बजे अस्पताल आ गई, लेकिन 12 बजे तक आउटडोर में एक भी डॉक्टर नहीं आया। यही बात गोगेलाव से आई विमला ने बताई। 12 बजे प्रथम पारी का समय पूरा होने पर मरीज निराश होकर निजी अस्पतालों में चले गए।

कार्यवाहक पीएमओ डॉ. शंकरलाल से पत्रिका की सीधी बात
कोई नहीं बैठे तो क्या कर सकते हैं
पत्रिका - जेएलएन अस्पताल के पीएमओ का चार्ज आपके पास है?
पीएमओ - नहीं, खत्री साहब के पास है।
पत्रिका - आज किसके पास था?
पीएमओ - खत्री साहब कोर्ट के काम से जोधपुर गए हुए थे और मैं अहमदाबाद जा रहा हूं, 7 बजे बाद मेरे पास नहीं है। बताओ, क्या हुआ?
पत्रिका - एमसीएच यूनिट में आज कोई डॉक्टर नहीं था।
पीएमओ - कोई बात नहीं, मैं तो क्या बताऊ आपको। ड्यूटी पर तो रविन्द्र सांखला व सरोज मिर्धा थे।
पत्रिका - आउटडोर में कोई नहीं था।
पीएमओ - हां तो वो थियेटर में चले गए होंगे, वो भी तो जनता का ही काम है।