
अग्निवीरों को मिला तोहफा (Photo-IANS)
Agniveer Yojana: केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने के लिए पहले से अधिक अवसर मिलेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा का रास्ता तैयार किया है। इसके बाद इच्छुक अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि आज भारतीय सशस्त्र बलों और अग्निवीरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन है। अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। उस समय यह तय किया गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर योजना की समीक्षा होगी।
उन्होंने आगे कहा कि अग्निवीरों का पहला बैच अब अपनी चार साल की सेवा पूरी करने के करीब है। पिछले चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर अग्निवीरों के कामकाज को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
सीडीएस जनरल सुब्रमणि के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सेना में शामिल किया जाना है, जबकि बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद सेवा से मुक्त होकर समाज में लौटना था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब शेष 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इस अवधि के पूरा होने के बाद नियमित सशस्त्र बलों में भर्ती होने के इच्छुक अग्निवीरों को मौका मिलेगा।
CDS ने स्पष्ट किया कि दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अग्निपथ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में जारी रहेगी। यानी अग्निवीरों की शुरुआती चार साल की सेवा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अग्निपथ योजना बंद नहीं की गई है, यह आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि दूसरी बात, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद जिन अग्निवीरों का नियमित सैनिक के रूप में चयन नहीं हो पाता है, उन्हें दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। इससे उन्हें सेना में लंबे समय तक सेवा करने का मौका मिलेगा।
सीडीएस ने कहा कि इन अग्निवीरों का चयन उनके अनुभव, योग्यता और कौशल के आधार पर आपसी तुलना के अनुसार किया जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि जिनका चयन नहीं हुआ, वे अयोग्य या कमजोर हैं, बल्कि चयन का आधार उनकी तुलनात्मक योग्यता और कौशल होता है।
सीडीएस ने कहा कि इसलिए इन अतिरिक्त दो वर्षों में उन्हें सेना में अपनी सेवाएं जारी रखने का अवसर मिलेगा। साथ ही, इस अवधि के दौरान उनके नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने की संभावना भी बनी रहेगी।
Updated on:
4 Nov 2026, 3:25 PM IST
Published on:
4 Nov 2026, 2:55 PM IST
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