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Mamata Banerjee को फिर लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट का आदेश, ऋतब्रत बनर्जी बने रहेंगे नेता प्रतिपक्ष

TMC: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विवाद पर अंतरिम रोक से इनकार किया, जिससे ऋतब्रत बनर्जी फिलहाल पद पर बने रहेंगे। ममता बनर्जी और TMC को झटका लगा है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 जून तय की है।
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another setback for Mamata Banerjee

TMC Crisis(फोटो-IANS)

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर चल रहे विवाद के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट से ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष के उस फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिसमें ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी गई थी। कोर्ट के इस रुख का मतलब है कि फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी नेता प्रतिपक्ष के पद पर बने रहेंगे। आपको बता दें कि पार्टी में बगावत के सुर लगातार तेज हो रहे हैं। विधायकों के बाद अब टीएमसी के कई सांसद भी पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं।

क्या है पूरा विवाद?

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर पिछले कुछ समय से राजनीतिक खींचतान जारी है। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्रनाथ बोस ने हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी थी। ऋतब्रत बनर्जी कभी तृणमूल कांग्रेस का हिस्सा रहे हैं, लेकिन चुनावी हार के बाद उन्होंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावती रुख अपना लिया था। उनके साथ 58 अन्य विधायक भी चले गए थे। जिसके समर्थन से वो नेता प्रतिपक्ष बन पाएं।

TMC ने क्यों जताई आपत्ति?


तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। पार्टी का तर्क है कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति केवल स्पीकर की इच्छा के आधार पर नहीं हो सकती। इसके लिए विधानसभा में दलों की वास्तविक संख्या, विपक्षी दलों की स्थिति और राजनीतिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। TMC का आरोप है कि एक बागी नेता को नेता प्रतिपक्ष का पद देकर विधानसभा की स्थापित परंपराओं को प्रभावित किया गया है। आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने किसी और नेता को इस पद के लिए नामित किया था। लेकिन विधायकों का साथ ऋतब्रत बनर्जी के साथ था।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?


गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने मांग की कि विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर तत्काल रोक लगाई जाए। हालांकि कलकत्ता हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पीकर के फैसले पर स्टे लगाने की मांग नहीं मानी, जिसके चलते ऋतब्रत बनर्जी फिलहाल नेता प्रतिपक्ष बने रहेंगे। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 जून को तय की है। उस दिन दोनों पक्षों की दलीलों पर फिर से सुनवाई होगी।