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पब्लिक प्लेस में स्मोकिंग रोकेगा नया एआई टूल, पकड़े जाने पर निकालेगा दादी की डांट की आवाज

बेंगलुरु के एक टेक्नीशियन ने AI आधारित डिवाइस बनाया है जो पब्लिक प्लेस में स्मोकिंग पहचानकर ऑडियो चेतावनी देता है। रास्पबेरी पाई पर चलने वाला यह प्रोटोटाइप सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

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भारत

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Himadri Joshi

Feb 12, 2026

AI tool

स्मोकिंग का पता लगाएगा नया एआई टूल (फोटो- Pankaj एक्स पोस्ट)

पब्लिक प्लेस में स्मोकिंग को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है। कई जगहों पर नो स्मोकिंग बोर्ड लगे होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन आम बात है। ऐसे में बेंगलुरु के एक टेक्नीशियन ने AI पावर्ड डिवाइस तैयार किया है, जो सार्वजनिक स्थानों पर स्मोकिंग का पता लगाकर तुरंत ऑडियो के जरिये चेतावनी देता है। यह छोटा सा गैजेट सिगरेट पहचानते ही बच्चे की खांसी और बुजुर्ग महिला की डांट की आवाज चलाता है, जिससे स्मोक करने वाला व्यक्ति असहज महसूस करे और सिगरेट बुझा दे।

AI स्मोकिंग डिटेक्शन टेक्नोलॉजी

इस डिवाइस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह व्यक्ति की मौजूदगी, हाथ में सिगरेट और स्मोकिंग जेस्चर को रियल टाइम में पहचान सके। टेक्नीशियन के अनुसार इसमें योलोव8 और मीडियापाइप जैसे मॉडल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिन्हें फाइन ट्यून कर स्मोकिंग व्यवहार पर केंद्रित किया गया। ऑडियो रिस्पांस के लिए सर्वम AI प्लेटफॉर्म जोड़ा गया, जो डिटेक्शन होते ही प्री रिकॉर्डेड साउंड चलाता है। पूरा सेटअप रास्पबेरी पाई पर चलता है, जिससे यह कम लागत वाला और पोर्टेबल सॉल्यूशन बन गया है।

रियल वर्ल्ड टेस्ट और सोशल मीडिया रिएक्शन

डिवाइस का शुरुआती परीक्षण एक बस स्टैंड पर किया गया, जहां एक व्यक्ति के स्मोक करते ही ऑडियो बज उठा। टेक्नीशियन का दावा है कि आवाज सुनकर वह व्यक्ति चौंक गया और सिगरेट बुझा दी। इस इनोवेशन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया गया, जहां लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने इसे पब्लिक हेल्थ के लिए उपयोगी बताया, जबकि कुछ ने प्राइवेसी और निगरानी को लेकर सवाल उठाए। फिर भी कम लागत वाले AI प्रयोग के रूप में इसे सराहा जा रहा है।

पब्लिक हेल्थ और टेक इनोवेशन का संगम

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे डिवाइस भीड़भाड़ वाले इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शॉपिंग एरिया में प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि इसे लागू करने से पहले कानूनी और नैतिक पहलुओं पर विचार जरूरी होगा। वर्तमान वर्जन केवल प्रोटोटाइप है और इसे पब्लिक फोटो पर डेमो किया गया है। डेवलपर अब 3D प्रिंटेड कॉम्पैक्ट वर्जन पर काम कर रहा है, जिसे छोटे गैजेट की तरह इंस्टॉल किया जा सके। यह उदाहरण दिखाता है कि इंडी डेवलपर्स भी AI टूल्स से सामाजिक व्यवहार में बदलाव की कोशिश कर रहे हैं।

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