
अजीत भारती को दिल्ली HC से अभी राहत नहीं, फोटो सोर्स- एक्स ( @rohitjain2706 )
Delhi High Court News: नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में यूट्यूबर अजीत भारती की जमानत याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस सौरभ बनर्जी ने सुनवाई के दौरान कहा कि भारती के खिलाफ प्रथम दृष्टया अपराध का मामला बनता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि SC/ST एक्ट के तहत अग्रिम जमानत देने पर कानूनी रोक है। अदालत ने बताया कि भारती के खिलाफ SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(r) और धारा 3(1)(s) के तहत मामला दर्ज है। इनमें से पहली धारा SC/ST समुदाय के सदस्यों को अपमानित करने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करने या डराने-धमकाने से संबंधित है। जबकि दूसरी धारा SC/ST समुदाय के किसी सदस्य को जातिसूचक नाम से गाली देने से संबंधित है।
भारती के वकील जय अनंत देहाद्राई ने कहा कि SC/ST एक्ट की धाराएं इस मामले में लागू नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि भारती जातिगत भेदभाव के खिलाफ हैं और उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखी थी। उनका कहना था कि भारती ने चंद्रशेखर आजाद को उनकी जाति की वजह से निशाना नहीं बनाया, बल्कि सोशल मीडिया पर उनकी बहन के खिलाफ की गई टिप्पणी के जवाब में प्रतिक्रिया दी थी।
दिल्ली पुलिस के वकील ने भी अग्रिम जमानत का विरोध किया। वकील ने कहा कि भारती के बयान में एक खास जाति का अपमान साफ तौर पर दिखाई देता है। शिकायतकर्ता के वकील ने भी कहा कि भारती ने जानबूझकर एक जाति को निशाना बनाया और प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने 7 सितंबर को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
भारती के खिलाफ 23 अगस्त को दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू थाने में FIR दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार, अजीत भारती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियों में जातिसूचक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। शिकायत आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बालकराम बौद्ध ने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियों में दलित नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। साथ ही महिलाओं के बारे में यौन रूप से अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
Updated on:
24 Sept 2026 04:01 pm
Published on:
24 Sept 2026 03:20 pm
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