
Delhi Police (फोटो- IANS)
Delhi Police Injury: दिल्ली में इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहीं दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर हिंसा और बदसलूकी के कई मामले सामने आएं हैं।
कई पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और मारपीट पर अपनी आपबीती बताई है। कईयों का कहना है कि घायल होने के बाद आज फिर से अपनी ड्यूटी पर डटे हुए हैं।
प्रदर्शन के दौरान घायल हुई एक महिला कांस्टेबल ने अपनी मजबूरी और निष्ठा को बयां करते हुए कहा कि हमारे पास इतना भी समय नहीं है कि डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज करवा सकें।
उन्होंने कहा कि हमारी रोज की ड्यूटी होती है, इसलिए वक्त नहीं मिल पाता। चोट लगने के बावजूद आज भी ड्यूटी पर तैनात हैं, यह हमारा फर्ज है। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना हमारा कर्तव्य है, इसलिए हम अपना काम करते हैं।
महिला कांस्टेबल ने मंगलवार को आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जब हम प्रदर्शन में लोगों को हटाने और आगे बढ़ने से रोकते हैं तो उस वक्त लगी किसी भी चोट का दर्द नहीं होता लेकिन बाद में जब घर जाते हैं तो दर्द होता है और तब पता चलता है कि कहां-कहां चोट लगी है। इसलिए मुझे बाद में पता चला कि मुझे चोट लगी है। यह चोट तब लगी जब हम एक विधायक को हिरासत में ले रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि ये वही विधायक थे जो प्रियंका गांधी के साथ बैठे थे।
हेड कांस्टेबल भूपेंद्र ने बताया कि घटना के बाद उनके परिवार में चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि पत्नी ने टीवी पर खबर देखकर फोन किया और पूछा कि क्या मुझे चोट लगी है? मैं फोन पर उन्हें सच नहीं बता सका और मना कर दिया। लेकिन जब उन्होंने वीडियो दोबारा देखा और मीडिया में खबरें आई, तो सब पता चल गया।
प्रदर्शन के दौरान हुई आपबीती सुनाते हुए कांस्टेबल देवेंद्र ने बताया कि हम बेहद शालीनता से भीड़ को संभाल रहे थे। तभी कुछ लोगों ने सबसे पहले हमारी नेमप्लेट छीन ली, पीछे से खींचा और मारपीट शुरू कर दी। हम किसी तरह वहां से खुद को बचाकर निकले। आगे उन्होंने कहा कि ऐसे में अब हम क्या कर सकते हैं, भीड़ में कौन कहां से वार करता है कुछ पता नहीं चल पाता।
पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस की DCP सृष्टि पांडे ने कहा कि युवाओं को गलत दिशा में भटकाने की कोशिश की जा रही है। अपनी कानूनी ड्यूटी निभा रहे वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करना, उन पर हाथ उठाना, उन्हें काटने या खरोंचने की कोशिश करना समाज को बहुत गलत संदेश देता है।
Updated on:
08 Oct 2026 04:25 pm
Published on:
08 Oct 2026 04:25 pm
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