
राजद नेता तेजस्वी यादव (फोटो- tejashwi yadav FB)
INDIA Bloc Tejashwi Yadav SIR : नई दिल्ली। INDIA गठबंधन की बैठक के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि SIR की शुरुआत बिहार से ही हुई थी और उस समय भी विपक्ष ने कहा था कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए बड़ी साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से यह मामला सामने आया है, उससे साबित होता है कि पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनाव फर्जी तरीके से कराए गए।
तेजस्वी ने कहा कि जब कानून और नियमों में बदलाव किए जा रहे थे, तभी विपक्ष को संदेह हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार होने से बचाने के लिए कानून बनाए गए और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाले पैनल से मुख्य न्यायाधीश को हटा दिया गया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद से ही विपक्ष को लगने लगा था कि ज्ञानेश कुमार केवल एक 'कठपुतली' हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि असली काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सच्चाई सबके सामने आएगी।
तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष पहले भी कह चुका है कि यह लोकतंत्र के खिलाफ बड़ी साजिश है। उन्होंने कहा कि जो लोग ऐसा कर रहे हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि अगर आज नहीं तो कल उन्हें सजा मिलेगी और देश की जनता ऐसा सबक सिखाएगी कि भविष्य में कोई संविधान या लोकतंत्र के साथ छेड़छाड़ करने की हिम्मत नहीं करेगा। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी ने कहा कि चुनाव पूरी तरह फर्जी था। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग सब कुछ छिपाता है।
जमुई की घटना को लेकर भी तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले हुई घटना में पॉक्सो कानून के तहत पीड़ित की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन मुख्यमंत्री ने ऐसा किया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि इस मामले में अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाती है, लेकिन सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने सवाल किया कि क्या कानून सभी के लिए समान है या फिर सम्राट चौधरी कानून से ऊपर हैं?
Updated on:
30 Sept 2026 03:41 pm
Published on:
30 Sept 2026 03:38 pm
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