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ज्ञानेश कुमार की बढ़ी मुश्किलें, कांग्रेस नेता ने दी देशद्रोह के मुकदमे की चेतावनी, पूर्व जज ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बताया गैर-कानूनी

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर सवाल उठाते हुए एसआईआर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
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justice gopala gowda statement on sir

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज गोपाल गौड़ा (फोटो-IANS)

SIR: देश में मुख्य चुनाव आयुक्त की (CEC) मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दिए गए हालिया फैसले को गैर-कानूनी और असंवैधानिक करार देते हुए मांग की है कि शीर्ष अदालत को खुद संज्ञान लेकर अपने इस फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा तथ्यों को गलत तरीके से पेश करके और कोर्ट को गुमराह करके की गई धोखाधड़ी का नतीजा था।

पवन खेड़ा ने दी देशद्रोह के मुकदमे की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस के सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके कहा कि इससे विपक्ष के दावे को कानूनी मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने न केवल मनमाने ढंग से काम किया है बल्कि माननीय सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश भी किया है।

आगे उन्होंने कहा कि हमें यकीन माननीय सुप्रीम कोर्ट देश की नैतिक अपील सुनेगा और एसआईआर फैसले को वापस लेकर उचित कदम उठाएगा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि अब उनकी मुश्किले बढ़ने वाली हैं। उन्हें इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बन जाना चाहिए, वरना देशद्रोह के मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

चुनाव आयोग पर सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने का आरोप

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व जज जस्टिस गोपाल गौड़ा ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने कोर्ट के सामने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करके यह फैसला हासिल किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने अदालत से धोखेबाजी की है। जस्टिस गौड़ा ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट को चुनाव आयोग के सभी संबंधित रिकॉर्ड मंगाकर यह जांच करनी चाहिए कि क्या एसआईआर का निर्णय पूरे चुनाव आयोग की बहुमत से दी गई सहमति और मंजूरी से लिया गया था या नहीं।

'आजाद भारत में लोकतंत्र का कत्ल हो रहा है'

मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार की भूमिका पर हमला बोलते हुए जस्टिस गौड़ा ने कहा कि आजादी के 78 वर्षों के इतिहास में आज मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा केंद्र सरकार के शीर्ष लोगों के समर्थन से लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि देश की जनता ऐसे लोगों को खुद सबक सिखाएगी।

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