
जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (फोटो-IANS)
Prashant Kishor: चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर देशभर में विरोध हो रहा है। इस बीच बिहार में भी शिक्षकों ने विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 कि विरोध किया है। इस पर जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने चुनाव आयोग और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाज का एक बड़ा तबका पिछले 8-10 वर्षों से चुनाव आयोग के कामकाज और चुनाव कराने के तरीके से असंतुष्ट रहा है।
बिहार में विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के विरोध में शिक्षकों के द्वारा किए जा रहे विरोध पर प्रशांत का कहना है कि मुख्यमंत्री सातवीं क्लास में फेल आदमी हैं। ऐसे में उनको जानकारी नहीं है कि शिक्षकों की भूमिका समाज में क्या होती है। उन्होंने कहा कि इस बार बिहार की पढ़ी लिखी जनता ने ऐसे आदमी को मुख्यमंत्री बनाया है, जिसे शिक्षकों से कैसे बात की जाती है, इसका पता नहीं है। ऐसे में बिहार में इस तरह के मुद्देरोज उठेंगे।
प्रशांत किशोर ने न केवल वर्तमान एसआईआर मुद्दे पर सवाल उठाए, बल्कि चुनाव की सारी प्रक्रिया को ही सरकार की मदद का जरिया बता दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 8-10 वर्षों से हो रहे चुनावों में कई बार गड़बड़ियों के मुद्दे उठे हैं। ऐसे में समाज का एक बड़ा समूह इससे असंतुष्ट है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ ज्ञानेश कुमार को लेकर ही नहीं है, बल्कि मतदाता सूची तैयार करने, फॉर्म 6 और 7 में बदलाव करने, SIR के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जाने, चुनावों का शेड्यूल तय करने जैसे कार्यों में भी गड़बडियां की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इन गड़बडियों के जरिए सत्ताधारी दल का सहयोग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग आदर्श आचार संहिता लागू करने, मतदानों की गिनती में कथित गड़बड़ी और ऑब्जर्वर की नियुक्ति करने तक में BJP का सहयोग करता आ रहा है।
दिल्ली में CJP के आंदोलन पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि आंदोलन किसी भी विषय पर हो अब देश में वह कम नहीं होने वाले। उन्होंने कहा कि ये तो अभी शुरू ही हुए हैं, आगे और बढ़ेंगे ये रुकने वाले नहीं हैं। आगे उन्होंने कहा कि युवाओं का गुस्सा बढ़ चुका है, अब यह कम नहीं होने वाला। चाहे वह शिक्षा, बेरोजगारी या परीक्षा के पेपर लीक से जुड़े मुद्दों से पैदा हुआ हो। दिल्ली में सड़कों पर 40,000 पुलिस, पैरामिलिट्री और सिक्योरिटी के जवान तैनात हैं। यह अपने आप में दिखाता है कि सरकार इस आंदोलन से कितनी डरी हुई है।
Updated on:
10 Oct 2026 07:33 pm
Published on:
10 Oct 2026 07:33 pm
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