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ग्रीन कार्ड को लेकर भारत-अमेरिका में ठनी ! ट्रंप प्रशासन के एक्शन के बाद विदेश मंत्रालय ने भी दिया बड़ा संदेश

MEA reaction: PERM प्रोग्राम सस्पेंड होने से H-1B वीजा पर कोई असर नहीं, पर ग्रीन कार्ड प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। जानिए विदेश मंत्रालय ने क्या कहा।
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MEA reaction: PERM प्रोग्राम सस्पेंड होने से H-1B वीजा पर कोई असर नहीं, पर ग्रीन कार्ड प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। जानिए विदेश मंत्रालय ने क्या कहा।

US Green Card Program: अमेरिका ने माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी जैसी दुनिया की कुछ सबसे बड़ी टेक और IT कंपनियों को एक अहम ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से बाहर कर दिया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से मामले में टिप्पणियों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमें कुछ कंपनियों के लिए 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' (PERM) के संबंध में अमेरिकी श्रम विभाग के फैसले की जानकारी है।

उन्होनें कहा कि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि PERM, H-1B वीजा कार्यक्रम से अलग है। PERM आवेदनों को रोकने से H-1B वीजा की वैधता या H-1B वीजा धारकों और उनके आश्रितों की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ता है। हालांकि, प्रभावित कंपनियों के योग्य कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास, या ग्रीन कार्ड, की प्रक्रिया पर कुछ असर पड़ सकता है।

जेडी वेंस की टिप्पणी अनुचित

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि​, यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि टैलेंट मोबिलिटी (प्रतिभाओं की आवाजाही) से दोनों अर्थव्यवस्थाओं भारतीय और अमेरिका को लाभ होता है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणियों के संबंध में, हमारा मानना ​​है कि ऐसी बातें अनुचित हैं और इस तथ्य को नजरअंदाज करती हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय पेशेवर वहां की अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम में उच्च शिक्षित और कुशल योगदानकर्ता हैं। वास्तव में, संयुक्त राज्य अमेरिका का इतिहास खुद प्रवासियों की पीढ़ियों द्वारा आकार दिया गया है, जिनकी मेहनत, उद्यम और इनोवेशन ने इसके विकास और समृद्धि में योगदान दिया है।

फैसले का भारतीय कर्मचारियों पर क्या असर?

अमेरिकी जनगणना के आंकड़ों को मानें तो,अमेरिका में भारतीय मूल के 52 लाख से अधिक लोग प्रवास करते हैं। हालांकि वीजा की लेबर सर्टिफिकेशन कार्यक्रम के निलंबन से किसी कर्मचारी का H-1B वीजा अपने आप रद्द नहीं होगा, लेकिन यह ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिकी लोगों को मिलेंगे नौकरी के मौके

मामले में ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि कुछ कंपनियां उन कार्यक्रमों का लाभ उठा रही हैं जिनका उद्देश्य विदेशी कर्मचारियों को नौकरी उपलब्ध कराना है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार इस तरह की व्यवस्थाओं के कारण अमेरिकी कर्मचारियों के नौकरी के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। जिसके चलते ही ट्रंप सरकार ने 8 बड़ी आईटी कंपनियों को PERM प्रोग्राम से बाहर कर दिया है। इन कंपनियों के नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और लंबित मामलों की प्रोसेसिंग पर भी रोक लगाई गई है।

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