12 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अगले ही दिन दिल्ली में ऐसा क्या हुआ कि 6 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े, CJP ने भी उठाए सवाल

Delhi Metro Stations Closed: दिल्ली में कांग्रेस के प्रस्तावित मार्च से पहले छह मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखने का फैसला लिया गया। इस पर CJP ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सवाल उठाए हैं।
2 min read
Google source verification
Delhi Metro News

दिल्ली में मार्च से पहले छह मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखने के फैसले पर CJP ने सवाल उठाए हैं। (फोटो सोर्स-@CJP_for_India)

Delhi Metro News:दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के एक दिन बाद ही मेट्रो के छह स्टेशनों के गेट बंद रखने का मामला सामने आया है। इसके बाद (CJP) पार्टी ने सवाल उठाया है कि जब कोर्ट ने मेट्रो और इंटरनेट सेवाएं बंद नहीं करने की बात कही थी, तो फिर स्टेशनों के गेट क्यों बंद किए गए? हालांकि, स्टेशन बंद होने का मतलब यह नहीं है कि मेट्रो का चलना भी रोक दिया गया था।

CJP ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'Cockroaches of India' पर पोस्ट कर इस फैसले पर सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि कोर्ट के आदेश के अगले ही दिन दिल्ली में छह मेट्रो स्टेशन बंद हैं। इस पोस्ट के बाद अब लोगों का ध्यान इस बात पर है कि आखिर सुरक्षा के लिए यह कदम क्यों उठाया गया।

कोर्ट ने मेट्रो और इंटरनेट को लेकर क्या कहा था?

दिल्ली में प्रदर्शन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रखने और इंटरनेट बंद नहीं करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट का कहना था कि सुरक्षा के इंतजाम ऐसे होने चाहिए, जिससे आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी पर बेवजह असर न पड़े।

प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अदालत ने कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की बात भी कही। मेट्रो और रेल सेवाओं पर रोक को लेकर उठे सवालों के बीच कोर्ट के निर्देशों को अहम माना जा रहा है।

फिर क्यों बंद रखने पड़े छह मेट्रो स्टेशन?

12 अक्टूबर को सामने आई जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित मार्च को देखते हुए सुरक्षा के लिए दिल्ली मेट्रो के छह स्टेशनों के गेट शाम 4 बजे तक बंद रखने का फैसला किया गया था। हालांकि, इन स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा चालू रहने की जानकारी भी सामने आई।

यानी यात्रियों को इन स्टेशनों से बाहर निकलने या अंदर जाने में परेशानी हो सकती थी, लेकिन मेट्रो सेवा पूरी तरह बंद होने की बात नहीं थी। इसी फैसले को लेकर CJP ने सवाल उठाए हैं।

आम लोगों की परेशानी भी अहम

दिल्ली में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आने-जाने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में किसी स्टेशन के गेट बंद होने से यात्रियों को अपना रास्ता बदलना पड़ सकता है। खासकर दफ्तर जाने वाले लोगों और जरूरी काम से सफर करने वालों को परेशानी हो सकती है।

अब सवाल यह है कि सुरक्षा के लिए उठाए गए इस कदम और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बीच तालमेल कैसे बैठाया गया। सिर्फ स्टेशन के गेट बंद होने से यह नहीं कहा जा सकता कि कोर्ट के आदेश का उल्लंघन हुआ है। इसके लिए प्रशासन की ओर से जारी आदेश और पूरे मामले की जानकारी सामने आना जरूरी है।