
मौलाना साजिद रशीदी। फाइल फोटो- पत्रिका
Maulana Sajid Rashidi: ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत की तारीफ करते हुए कहा कि उनका दिल बहुत बड़ा है। वे बहुत अच्छे इंसान हैं। उनकी बातचीत को मैंने पूरा सुना और मैं भावुक हो गया, मेरा दिल भर आया। मौलाना साजिद रशीदी ने यूसीसी पर भी अपने विचार व्यक्त किए। मौलाना रशीदी ने कहा कि सरकार को कैप्टन स्मित मच्छार को सम्मान देना चाहिए। मैं तो कहता हूं कि उन्हें अशोक चक्र से नवाजा जाना चाहिए। दूसरी बात यह है कि प्रधानमंत्री ने उनसे बात की है। यह उनके लिए और पूरे देश के लिए भी बहुत बड़ा सम्मान है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में लोग चाहे जो कुछ भी कहें, लेकिन उनके अंदर एक अच्छा इंसान भी है। जब कुछ प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हिरासत में लिया गया था, उस समय भी उन्होंने सामने आकर हमारी एक छोटी सी अपील पर तमाम लड़कों को माफ कर दिया था, क्योंकि हमने एक दिन पहले उनसे कहा था कि आप इन बच्चों को बड़ा दिल दिखाते हुए माफ कर दें। उन्होंने उन्हें माफ कर दिया था। कैप्टन से जिस तरह से उन्होंने बात की, वह दिल छू लेने वाला था। मेरा भी दिल भर आया।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में सीजेपी के प्रदर्शन पर मौलाना ने कहा कि कुछ लोगों को राजनीति करने की आदत हो गई है। जब प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी, तो उन्हें रुक जाना चाहिए था और प्रदर्शन को आगे के लिए टाल देना चाहिए था। जानबूझकर वहां पहुंचना और अपने आप को हिरासत में दिलवाना, ताकि मीडिया का ज्यादा ध्यान उनकी ओर जाए, इस तरह का काम भी कुछ लोग जानबूझकर करते हैं। मेरा मानना है कि मुद्दे अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन उन्हें सही वक्त और सही जगह पर उठाया जाए तो ज्यादा अच्छा है।
गुजरात में यूसीसी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर मौलाना ने उत्तराखंड यूसीसी का जिक्र कर भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में यूसीसी लागू किया गया, क्या वहां तमाम बेरोजगारों को रोजगार मिल गया? क्या वहां महंगाई कम हो गई? क्या वहां की शिक्षा व्यवस्था सही हो गई? यह सब कुछ छोड़कर यूसीसी लाकर जानबूझकर हिंदू-मुसलमान या मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा करना और जानबूझकर अपने वोट इकट्ठे करना एक नया चलन बन गया है कि मुसलमानों को परेशान करो।
सवाल यह है कि संविधान ने धार्मिक आधार पर मुसलमानों को जो अधिकार दिए हैं, उनमें छेड़छाड़ करने की कोशिश क्यों की जा रही है। ऐसा नहीं करना चाहिए। अपने वोट बैंक के लिए किसी एक समुदाय को परेशान करना और उसकी धार्मिक मान्यताओं को छीनना, मैं समझता हूं कि यह गलत है। हम इस पर अमल नहीं करेंगे। हम अपने कुरान और अपनी शरीयत पर अमल करेंगे, चाहे यह देशभर में ही यूसीसी लागू कर दें
Updated on:
02 Oct 2026 09:31 pm
Published on:
02 Oct 2026 09:31 pm
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