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ECINET को लेकर फिर घमासान, जयराम रमेश ने उठाए ERO के अधिकारों पर सवाल; अब चुनाव आयोग करेगा जांच

Jairam Ramesh Latest Statement : ECINET को लेकर जयराम रमेश ने ERO के अधिकारों पर सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग ने सिस्टम की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारी और IIT/IIIT विशेषज्ञ वाली समिति बनाई है।
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SIR News

ECINET विवाद के बीच जयराम रमेश ने ERO के अधिकारों को लेकर सवाल खड़े किए। (फोटो सोर्स-ANI)

ECINET News: चुनाव आयोग के डिजिटल सिस्टम ECINET को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ECINET में मतदाता सूची से जुड़े काम के दौरान Electoral Registration Officers यानी ERO के अधिकार सीमित हो गए हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी और कानून के हिसाब से ECINET में अधिकार दिए गए हैं। आयोग ने इस सिस्टम की समीक्षा के लिए एक समिति भी बनाई है।

ECINET को लेकर क्या है विवाद?

ECINET चुनाव आयोग का डिजिटल सिस्टम है। इसके जरिए चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े कई काम एक ही प्लेटफॉर्म पर किए जाते हैं। अभी SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान भी इसका इस्तेमाल हो रहा है।

विवाद इस बात को लेकर है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में फैसला लेने वाले ERO को ECINET पर कितनी आजादी मिल रही है। यानी अगर किसी मतदाता के दस्तावेज या जानकारी में कोई गड़बड़ी मिलती है, तो ERO उसके दस्तावेज देखकर कितना फैसला खुद ले सकता है।

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने भी 24 सितंबर को चुनाव आयोग को पत्र लिखा था। इसमें ECINET में कुछ बदलाव करने की मांग की गई थी। खास तौर पर ऐसे मामलों में ERO को दस्तावेज देखने के बाद फैसला लेने की ज्यादा गुंजाइश देने की बात कही गई थी, जिन्हें 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' माना गया है।

जयराम रमेश ने क्या कहा?

जयराम रमेश ने चुनाव आयोग के 26 सितंबर के प्रेस नोट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ECINET पहले से ही कानून के मुताबिक बनाया गया था तो अब इसकी कानूनी जांच की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर ERO के अधिकारों को सीमित किया गया और इससे मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। ये जयराम रमेश के राजनीतिक आरोप हैं।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ECINET को लेकर पहले से उठ रही चिंताओं का जवाब चुनाव आयोग किस तरह देगा। जयराम रमेश ने SIR को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का भी जिक्र किया।

चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया?

चुनाव आयोग का कहना है कि ECINET में अलग-अलग अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी के हिसाब से अलग अधिकार दिए गए हैं। यानी हर अधिकारी को उसके कानूनी काम के मुताबिक सिस्टम का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है।

आयोग ने ECINET की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का फैसला किया है। इस समिति की अध्यक्षता एक वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त करेंगे। इसमें IIT या IIIT का एक स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। समिति यह देखेगी कि ECINET कानून और चुनाव से जुड़े नियमों के हिसाब से काम कर रहा है या नहीं।

SIR में ECINET का क्या काम है?

SIR के दौरान जिन मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं, उनके दस्तावेज BLO घर जाकर भी ले सकते हैं। इन दस्तावेजों को ECINET पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित ERO मामले को देखेंगे और आगे का फैसला करेंगे।

अब सबकी नजर उस समिति की समीक्षा पर है। उसकी जांच से यह पता चलेगा कि ECINET में किसी तरह के तकनीकी या काम करने के तरीके से जुड़े बदलाव की जरूरत है या नहीं।

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