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नाना पाटेकर क्यों मनाते थे घर में गणेशोत्सव? बोले थे- ‘पिता के जाने के बाद मां के लिए परंपरा जारी रखी’

Nana Patekar Death: नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके घर होने वाले गणेशोत्सव की यादें सामने आ रही हैं। नाना पूजा-पाठ नहीं करते थे, लेकिन पिता के निधन के बाद अपनी मां के लिए उन्होंने घर में गणेशोत्सव की परंपरा जारी रखी थी और फूलों से सजावट करते थे।
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Nana Patekar Death

नाना मां के लिए घर में ही मनाते थे गणेशोत्सव, फोटो सोर्स- ANI

Nana Patekar Ganeshotsav: प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोग उनसे जुड़ी यादें सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इसी बीच नाना पाटेकर के घर होने वाले गणेशोत्सव की तस्वीरें और उनसे जुड़ी यादें भी सामने आ रही हैं। नाना के घर कई वर्षों से गणेशोत्सव मनाने की परंपरा रही है। हाल ही में हुए गणेशोत्सव में भी उनके घर गणपति की स्थापना की गई थी। नाना खुद पूजा-पाठ में ज्यादा विश्वास नहीं रखते थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने घर की इस परंपरा को लंबे समय तक जारी रखा।

फूलों से सजावट करते थे नाना

लोकसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, नाना पाटेकर अपने घर के गणेशोत्सव में खास तौर पर फूलों की सजावट किया करते थे। उनके घर गणपति की विशेष मूर्ति, आभूषण और कंठी के साथ पर्यावरण के अनुकूल सजावट की जाती थी। अलग-अलग रंगों के फूलों से की जाने वाली सजावट गणेशोत्सव का खास आकर्षण रहती थी। उनके बेटे मल्हार पाटेकर भी गणेशोत्सव में उत्साह से हिस्सा लेते थे।

गणेशोत्सव के दौरान नाना के घर फिल्म जगत के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े कई लोग पहुंचते थे। इनमें कलाकारों और अन्य हस्तियों की संख्या भी काफी रहती थी। कई कलाकार नाना के घर जाकर उनके साथ बिताए पलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते थे। इस साल गायक राहुल देशपांडे और अभिनेत्री अदिति सारंगधर समेत कई कलाकारों ने भी नाना के घर गणेशोत्सव से जुड़ी तस्वीरें साझा कर अपनी यादें ताजा की थीं।

‘मैं पूजा-पाठ नहीं करता, सिर्फ फूलों की सजावट करता हूं’

कुछ वर्ष पहले गणेशोत्सव के दौरान एक बातचीत में नाना पाटेकर ने बताया था कि वह खुद पूजा-पाठ नहीं करते थे। उन्होंने कहा था कि पूजा-पाठ का काम उनके बच्चे करते हैं, जबकि वह केवल फूलों की सजावट करते हैं। नाना ने खुद को धार्मिक व्यक्ति नहीं बताया था, लेकिन भगवान की अवधारणा में विश्वास होने की बात कही थी।

‘पिता के जाने के बाद मां के लिए परंपरा जारी रखी’

नाना पाटेकर ने बताया था कि उनके घर गणेशोत्सव की परंपरा को जारी रखने के पीछे उनकी मां की खास भूमिका थी। उन्होंने कहा था कि उनके पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी मां के लिए घर में गणेशोत्सव की परंपरा जारी रखी। नाना के मुताबिक, वह मंदिर जाने या मन्नत मांगने जैसी चीजों से दूर रहते थे, लेकिन भगवान की अवधारणा में उनका विश्वास था।

नाना पाटेकर की मां निर्मला पाटेकर का जनवरी 2019 में 99 वर्ष की उम्र में निधन हुआ था। मां के निधन के बाद भी नाना के घर गणेशोत्सव की परंपरा जारी रही। हाल ही में भी उनके घर गणपति की स्थापना की गई थी। अब नाना के निधन के बाद उनके घर से जुड़ी गणेशोत्सव की ये यादें उनके प्रशंसकों और करीबियों के लिए भावुक कर देने वाली हैं।