
दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा। फोटो सोर्स
PWD Minister Parvesh Verma:दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा से जुड़े थप्पड़ विवाद ने अब हाईकोर्ट का रुख कर लिया है। एक AAP कार्यकर्ता को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के मामले में स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवेश वर्मा और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने शिकायत के बाद मामले में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की है।
यह मामला सितंबर के आखिर में पश्चिमी दिल्ली में सड़क के काम की जांच के दौरान सामने आया था। इस दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में प्रवेश वर्मा एक युवक का मोबाइल नीचे करते और फिर उसे कथित तौर पर थप्पड़ मारते दिखाई दिए थे। बाद में युवक की पहचान 22 वर्षीय साहिब सिंह के रूप में हुई। वह AAP विधायक जर्नैल सिंह की टीम से जुड़ा बताया गया था।
याचिका में कहा गया है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। याचिकाकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद ऐसी कार्रवाई नहीं की, जिससे मामले की सही जांच आगे बढ़ सके।
अब हाईकोर्ट ने प्रवेश वर्मा और दिल्ली पुलिस से इस मामले पर जवाब मांगा है। इससे पहले 5 अक्टूबर को भी इस मामले को जल्द सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में रखा गया था। हालांकि, कोर्ट ने उस समय तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया था और कहा था कि मामले की सुनवाई तय प्रक्रिया के तहत होगी।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR दर्ज की थी। इसमें युवक को कथित तौर पर चोट पहुंचाने की शिकायत शामिल है। NCR ऐसे मामलों में दर्ज की जाती है, जिनमें पुलिस सीधे जांच शुरू नहीं कर सकती। जांच आगे बढ़ाने के लिए अदालत की मंजूरी की जरूरत होती है।
इसी घटना से जुड़े एक दूसरे मामले में AAP विधायक जर्नैल सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। PWD अधिकारी की शिकायत में उन पर सरकारी काम में रुकावट डालने और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे।
विवाद के बाद प्रवेश वर्मा ने कहा था कि घटना से पहले AAP कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक बातें कही थीं। उनका कहना था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पूरी घटना नहीं दिखाई गई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। अब इस मामले में हाईकोर्ट के सामने प्रवेश वर्मा और दिल्ली पुलिस का जवाब अहम होगा। कोर्ट में दिए जाने वाले जवाब और आगे की सुनवाई से तय होगा कि इस मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
Updated on:
08 Oct 2026 12:23 pm
Published on:
08 Oct 2026 12:14 pm
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