
भोपाल। गुरुवार एक ऐसा दिन जिसे भारतीय संस्कृति में बेहद महत्व दिया गया है। माना जाता है कि यह दिन भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित रहता है। यही कारण है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति की पूजा की जाती है। सनातन धर्म में इस दिन कई कार्यों को निषेध मामना गया है, क्योंकि ये वे कार्य हैं, जिनसे देव गुरु बृहस्पति नाराज हो जाते हैं। साथ ही मां लक्ष्मी का प्रकोप भी झेलना पड़ सकता है। पत्रिका.कॉम आपको बता रहा है कुछ ऐसे ही काम जिन्हें भूलकर भी गुरुवार को नहीं करना चाहिए।
गुरुवार को नहीं धोने चाहिए बाल
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक गुरुवार को बाल नहीं धोने चाहिएं। न ही कपड़े धोने चाहिएं। माना जाता है कि इस दिन बाल या कपड़े धोने से सौभाग्य में कमी आने लगती है। धन-संपत्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है। हां अगर आपको लगता है कि बाल धोने जरूरी हैं, तो आपको सादे पानी से बालों को धो लेना चाहिए। शैंपू या साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
भूलकर भी न खाएं केला
केले के पेड़ को सनातन धर्म में एक पवित्र पौधा माना गया है। मान्यता यह भी है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। चूंकि गुरुवार का दिन भगवान विष्णु का दिन माना गया है, इसलिए इस दिन केले के पेड़ और केले की पूजा करने का भी विधान है। इसीलिए गुरुवार के दिन केले का सेवन नहीं करना चाहिए।
शेविंग और हेयर कटिंग से भी रहें दूर
अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति दोष है तो, आपके लिए गुरुवार को कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी है। इनमें आपको ध्यान रखना होगा कि आपको भूलकर भी गुरुवार को अपने सिर के बाल, दाढ़ी या नाखून नहीं काटने चाहिए। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो बृहस्पति दोष बढ़ जाता है और भविष्य में विपत्तियां आपको घेर सकती हैं।
न करें घर की सफाई, न लगाएं पोछा
सनातन धर्म में घर की साफ-सफाई को बहुत महत्व दिया गया है। लेकिन गुरुवार को आपको घर के न तो जाले साफ करने चाहिए और न ही पोछा लगाना चाहिए। ऐसा करने से इसका सीधा असर बच्चों पर पड़ता है। इस दिन ये सब काम करना निषेध माना गया है। इस दिन घर का कबाड़ भी नहीं बेचना चाहिए। इन सब कामों को करने के लिए शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है।
पूजा के लिए न करें सरसों के तेल का इस्तेमाल
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा में सरसों के तेल या तिल के तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस दिन केवल देसी घी के दीपक का ही इस्तेमाल करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
Updated on:
15 Dec 2022, 3:35 PM IST
Published on:
15 Dec 2022, 3:34 PM IST
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