
vastu tips
घर का निर्माण वास्तु शास्त्र के अनुसार करना चाहिए। वास्तु का पालन करने से घर में खुशियां और समृति आती है। सीढ़ियां किसी भी घर की उन्नति से संबंध रखती हैं। यह जीवन के उतार चढ़ाव से संबंध रखती हैं। सीढ़ियों की दिशा के साथ ही यह भी जरूरी है कि जहां सीढ़ी हो वहां क्या चीज हो या क्या नहीं हो। यही नहीं सीढ़ी के नीचे कुछ भी बना लेना भी सही नहीं होता। इसलिए सीढ़ी जब भी बनवाने का काम शुरू करें वास्तु के अनुसार ही बनवाएं। वास्तुशास्त्र के नियम के अनुसार सीढ़ियों का निर्माण उत्तर से दक्षिण की ओर अथवा पूर्व से पश्चिम दिशा की ओर करवाना चाहिए। जो लोग पूर्व दिशा की ओर से सीढ़ी बनवा रहे हों उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सीढ़ी पूर्व दिशा की दीवार से लगी हुई नहीं हो।
सीढ़ियां गलत बन गई तो करें ये उपाय
सीढ़ियों का रंग सफेद रखें। सीढ़ियों के साथ वाली दीवार पर लाल रंग का स्वस्तिक लगा दें। अगर सीढ़ियों के नीचे कुछ गलत निर्माण करा लिया है तो वहां पर एक तुलसी का पौधा लगाएं। सीढ़ियों के नीचे प्रकाश की उचित व्यवस्था करें। सीढ़ियों की शुरुआत वाले स्टेप पर और खत्म होने वाले स्टेप पर एक एक हरे रंग का डोरमैट रख दें। सीढ़ियों के नीचे पढ़ने-लिखने की वस्तुयें या किताब रखने की व्यवस्था कर सकते हैं।
वास्तुशास्त्र के अनुसार जानें घर में सीढ़ियों का स्थान---------------------------
1. सीढ़ियों के नीचे कभी भी आप सिलेंडर, जूता स्टैंड या कबाड़ न रखें।
2. सीढ़ियों के नीचे कभी पूजाघर, बाथरूम का निर्माण न कराएं।
3. सीढ़ी पूर्व या दक्षिण दिशा में होना शुभ माना जाता है। ये सबसे उत्तम दिशा होती है।
4. इसके अलावा सीढ़ी के लिए दक्षिण-पश्चिम के दाई ओर भी बनाई जा सकती है।
5. दिशा के साथ सीढ़ियों की टूट-फूट पर भी ध्यान दें। अगर टूट फूट होगी तो ये जीवन में उतार-चढ़ाव बनाए रखेगा।
6. सीढ़ियों को अगर आप घुमावदार बना रहे तो याद रखें सीढ़ी का घुमाव हमेशा पूर्व से दक्षिण, दक्षिण से पश्चिम, पश्चिम से उत्तर या उत्तर से पूर्व की ओर ही हो।
7. सीढ़ियां हमेशा बाएं से दाईं ओर ही मुड़नी चाहिए।
Updated on:
10 Nov 2020 08:46 pm
Published on:
10 Nov 2020 08:46 pm
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