
एक फुट और ऊपर पहुंचा यमुना का जलस्तर तो बर्बाद हो जाएंगे ये किसान
नोएडा. हथनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गौतमबुद्ध नगर जिले के यमुना नदी से सटे इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। यमुना में आए उफान से क्षेत्र के किसानों को फसलों के बर्बाद होने का डर सता रहा है। यही वजह है कि किसान पानी के बहाव को रोकने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने में जुटे हैं, लेकिन पानी का स्तर जिस तरह से पल-पल बढ़ रहा है उसने इन किसानों की नींद उड़ी कर रख दी है। अगर अब यहां यमुना का जलस्तर थोड़ा सा भी बढ़ा तो हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाएगी। टीम पत्रिका ने यमुना सटे क्षेत्रों का दौरा करते हुए किसानों से ये जानने की कोशिश की कि यमुना में बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन क्या प्रयास कर रहा है और किस तरह उनकी फसल के साथ लोगों पर प्रभाव पड़ रहा है।
बता दें कि नोएडा के डूब क्षेत्र में यमुना का पानी लगातार किसानों की फसलों और घरों की ओर बढ़ रहा है। क्षेत्र के किसान अपने स्तर पर ही खेतों के किनारों पर मेढ़ लगाकर पानी को आने से रोकने के प्रयास में जुटे हैं। किसानों ने बताया कि उनका खेत पानी के बहाव से करीब एक फुट नीचे है, यदि मेढ़ टूटी तो यमुना पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लेगी और इस तरह करीब 2 हजार बीघा फसल बाढ़ के चलते बर्बाद हो जाएगी। फिलहाल किसानों के चेहरे पर चिंता के भाव हैं और फिक्र इस बात की भी है कि वह इस पानी से ज्यादा देर तक नहीं लड़ पाएंगे। जलस्तर बढ़ा तो उनका सबकुछ बर्बाद हो जाएगा। बता दें कि किसानों के इस नुकसान की भरपाई सरकारी महकमा भी नहीं कर पाएगा। क्योंकि यह फसल डूब क्षेत्र में है। इसलिए सरकार इन्हें फसल का मुआवजा भी नहीं देगी।
गौरतलब है कि इलाके में जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और लोगों को चेतावनी भी दी जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि दो दिन पहले हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से यमुना में 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो कि 72 घंटे में गौतमबुद्ध नगर में पहुंचने की आशंका है। उन्होंने बताया कि इससे जिले के कामबक्सपुर, याकूबपुर, मोमनाथन एवं सफीपुर गांव को बाढ़ से खतरा बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कामबाक्सपुर गांव के पास यमुना की धारा का रुख गांव की ओर हो गया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बंधे को बचाने के लिए बंधे पर पर दिन-रात काम कर रहे हैं, ताकि कहीं पर बंधा क्षतिग्रस्त ना होने पाए। जिला प्रशासन भी इस बात की कोशिश कर रहा है कि किसी भी ग्रामीण को बाढ़ के कारण नुकसान न होने पाए। अधिकारियों को बाढ़ के संबंध में सचेत कर दिया गया है। सभी बाढ़ चौकियों पर जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वे अपनी ड्यूटी पर मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। उप जिला अधिकारी तथा अन्य अधिकारी खतरे वाले क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर रहे हैं, जिससे किसी ग्रामीण को बाढ़ से नुकसान न होने पाए।
Published on:
01 Aug 2018 11:13 am
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