किसानों को भी होगा नुकसान
केन्द्र सरकार की ओर से देर से और स्थानी प्याज की फसल और उत्पादन क्षेत्र का आकलन किए बिना विदेश से मंगवाए गए प्याज से जनता, सरकार और किसान सभी को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे पहले जब प्याज के दाम आसान को छू रहे थे, तब समय रहते प्याज का आयात नहीं किया गया। जब जनता महंगी प्याज खरीदकर लुट गई, तब सरकार ने प्याज आयात करने का फैसला लिया, जिसकी कीमत लोगों को महंगे प्याज खरीदकर चुकानी पड़ी। देशी फसल बाजार में आने के बाद आयातित प्याज मंगवाने के कारण कोई भी इसे खरीदने को तैयार नहीं है, जिससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, अब किसानों की फसल बाजार में आ जाने के बाद आयातित प्याज को भी बाजार में उतारने से प्याज के दाम में भारी गिरावट आ रही है, जिससे बढ़े हुए प्याज की कीमत का किसानों को भी लाभ नहीं मिल पाया। यानी प्याज के इस खेल में आम जनता, सरकारी खजाने और किसान सभी को चूना लगाया जा रहा है।