
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने समर्थन किया। (फोटो सोर्स-IANS)
Madras High Court Verdict: हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने के बाद क्या कोई व्यक्ति अपनी पुरानी जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ ले सकता है? इसी सवाल से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि धर्म बदलने के बाद पुराने धर्म की जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ लेने का दावा कैसे किया जा सकता है। उन्होंने अदालत के फैसले का स्वागत किया।
यह मामला मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने वाले व्यक्ति को केवल उसकी पुरानी जाति के आधार पर पिछड़े वर्ग के आरक्षण का लाभ देने के दावे को स्वीकार नहीं किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही था कि धर्म बदलने के बाद भी क्या व्यक्ति अपनी पुरानी जाति के आधार पर आरक्षण मांग सकता है? मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में ऐसे दावे को सही नहीं माना। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।
इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि धर्म बदलने वाले हर व्यक्ति का आरक्षण अपने आप खत्म हो जाता है। आरक्षण का लाभ मिलेगा या नहीं, यह संबंधित श्रेणी और उस पर लागू नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए इस मामले को समझते समय अदालत के फैसले और उससे जुड़े नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है।
बिहार के मंत्री रामकृपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि धर्म बदलने के बाद कोई व्यक्ति पुराने धर्म की जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ लेने का दावा कैसे कर सकता है। मंत्री ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए अपना समर्थन जताया।
उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब धर्म परिवर्तन के बाद जाति के आधार पर मिलने वाले आरक्षण को लेकर चर्चा हो रही है।
आरक्षण का लाभ लेने के लिए केवल अपनी पुरानी जाति का नाम बताना ही काफी नहीं होता। इसके लिए संबंधित नियमों के तहत पात्र होना भी जरूरी है। धर्म परिवर्तन के बाद किसी व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस श्रेणी में आता है और उस पर कौन से नियम लागू होते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने धर्म परिवर्तन के बाद पुरानी जाति के आधार पर आरक्षण मांगने के सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है। वहीं, रामकृपाल यादव ने अदालत के फैसले का समर्थन कर इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है।
Updated on:
16 Oct 2026 09:42 am
Published on:
16 Oct 2026 09:42 am
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